उडुपी में एच1एन1 ने बढ़ाई चिंता, 302 मामले दर्जउडुपी में एच1एन1 ने बढ़ाई चिंता, 302 मामले दर्ज

वायरल बुखार के मामले भी बढ़े

स्वास्थ्य विभाग ने मास्क और सावधानी बरतने की सलाह दी

उडुपी। जिले में पिछले कुछ दिनों से एच1एन1 और सामान्य वायरल बुखार के मामलों में अचानक वृद्धि देखी जा रही है। अगस्त के अंत तक जिले में एच1एन1 के 302 मामले सामने आ चुके हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सावधानी और समय पर उपचार से संक्रमण को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।

पिछले साल से अधिक, 2024 से कम

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में एच1एन1 के 612 मामले दर्ज हुए थे, जबकि 2025 में यह संख्या 225 थी। इस वर्ष अब तक 302 मामले सामने आए हैं। यानी इस बार आंकड़ा 2024 की तुलना में कम, लेकिन पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है।

मौसम में उतार-चढ़ाव बना कारण

जिले में रुक-रुककर हो रही बारिश, अचानक बादल छाने और फिर तेज धूप निकलने से मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस तरह का बदलता मौसम एच1एन1 समेत अन्य श्वसन संबंधी वायरस के प्रसार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करता है।

लक्षण दिखें तो डॉक्टर से लें सलाह

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से बुखार, सर्दी, खांसी अथवा अन्य लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने से बचने की अपील की है। लक्षण दिखाई देते ही निकटतम सरकारी या निजी अस्पताल में चिकित्सक से परामर्श लेकर उपचार कराने की सलाह दी गई है।

उडुपी के जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बसवराज हुब्बल्ली ने कहा कि सर्दी-जुकाम के मामले बढ़ रहे हैं। लोगों को मास्क लगाने, पीने के लिए गर्म पानी का उपयोग करने और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से यथासंभव बचने की सलाह दी जा रही है। सर्दी-खांसी से पीडि़त बच्चों को स्कूल नहीं भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में एच1एन1 के उपचार के लिए आवश्यक दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।

 

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By Bharat Ki Awaz

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