449 पद मंजूर, काम कर रहे सिर्फ 73!पशु चिकित्सा केंद्र।

दक्षिण कन्नड़ में 84प्रतिशत पद खाली

107 पशु चिकित्सा केंद्रों का जिम्मा मु_ीभर कर्मचारियों पर

पुत्तूर (दक्षिण कन्नड़)। दक्षिण कन्नड़ जिले के ग्रामीण इलाकों में पशुपालकों को समय पर पशु चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है। पशुपालन एवं पशु चिकित्सा विभाग में कर्मचारियों की भारी कमी के कारण कई प्राथमिक पशु चिकित्सा केंद्रों पर नियमित सेवाएं प्रभावित हैं। हालात यह हैं कि कई केंद्रों पर केवल डी ग्रुप कर्मचारी ही उपलब्ध हैं, जबकि पशु चिकित्सक सप्ताह के निर्धारित दिनों में ही पहुंचते हैं।

जिले में विभाग के लिए कुल 449 पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें सिर्फ 73 कर्मचारी कार्यरत हैं। यानी करीब 84 प्रतिशत पद रिक्त हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार 376 पद खाली हैं। पशु चिकित्सा अधिकारियों के 74 स्वीकृत पदों में 44 भरे हैं, जबकि 30 पद रिक्त हैं।

आठ केंद्रों पर एक भी कर्मचारी नहीं

सूरिंजे, एक्कारू, होसबेट्टू, नीरुडे, कलमडका, मुंडाजे, कार्यतडक़ा और केम्राल के प्राथमिक पशु चिकित्सा केंद्रों में कोई नियमित कर्मचारी नहीं है। विभाग में उपलब्ध अधिकारियों को दो-तीन केंद्रों की अतिरिक्त जिम्मेदारी देकर सप्ताह के तय दिनों में इन केंद्रों पर भेजा जा रहा है।

डी ग्रुप कर्मचारी दे रहे दवाएं

कर्मचारियों की कमी के चलते कई ग्रामीण केंद्रों पर डी ग्रुप कर्मचारी ही व्यवस्था संभाल रहे हैं। उनके पास उपलब्ध दवाएं देने के अलावा पशुओं का उपचार करने का अधिकार अथवा विशेषज्ञता नहीं है। पशु चिकित्सक या पशुधन अधिकारी सप्ताह में निर्धारित दिन ही केंद्रों पर पहुंचते हैं।

इससे ग्रामीण पशुपालक दक्षिण कन्नड़ दुग्ध संघ के पशु चिकित्सकों पर अधिक निर्भर हो रहे हैं। कुत्ते-बिल्लियों जैसे पालतू पशुओं के इलाज के लिए लोगों को निजी पशु चिकित्सकों या तालुक स्तर के पशु अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।

जिले में 107 केंद्र, कर्मचारी उससे भी कम

दक्षिण कन्नड़ में कुल 107 पशु चिकित्सा केंद्र हैं। इनमें 13 पशु चिकित्सा अस्पताल, 35 पशु चिकित्सा औषधालय, 48 प्राथमिक पशु चिकित्सा केंद्र, छह पशुधन कृत्रिम गर्भाधान उपकेंद्र, पांच मोबाइल पशु चिकित्सा केंद्र और एक पशुधन कृत्रिम गर्भाधान मुख्य केंद्र शामिल हैं।

विभाग में उपनिदेशक से लेकर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, वरिष्ठ एवं कनिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी, पशुधन विकास अधिकारी तथा पशु चिकित्सा परीक्षक सहित विभिन्न पद हैं। बावजूद इसके, उपलब्ध कर्मचारियों की संख्या इतनी कम है कि प्रत्येक केंद्र पर एक कर्मचारी की तैनाती भी संभव नहीं हो पा रही।

95 डी ग्रुप कर्मचारी आउटसोर्स

विभाग ने करीब 95 डी ग्रुप कर्मचारियों को आउटसोर्सिंग के आधार पर नियुक्त किया है। ग्रामीण पशु चिकित्सा केंद्रों में फिलहाल यही कर्मचारी नियमित रूप से उपलब्ध रहते हैं। इसके अलावा संविदा पशु चिकित्सा अधिकारियों के 13 पदों में सिर्फ चार ही कार्यरत हैं।

अतिरिक्त जिम्मेदारी से चला रहे काम

विभाग में उपलब्ध कर्मचारियों को दो-तीन अतिरिक्त जिम्मेदारियां देकर काम चलाया जा रहा है। डी ग्रुप कर्मचारियों को बड़ी संख्या में आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्त कर विभागीय सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
डॉ. अरुण कुमार शेट्टी एन., उपनिदेशक, पशुपालन एवं पशु चिकित्सा विभाग, दक्षिण कन्नड़

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By Bharat Ki Awaz

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