मेंगलूरु-उडुपी बना ‘सिलिकॉन बीच’, टेक्नोलॉजी का पलायन थमा

स्थानीय टेक पेशेवरों की संख्या 20 प्रतिशत बढ़ी

2.80 लाख सक्रिय टेक प्रतिभाएं

अनुभवी प्रोफेशनल 1.05 लाख पहुंचे

मेंगलूरु। कर्नाटक के तटीय मेंगलूरु-उडुपी क्षेत्र में टेक्नोलॉजी और डिजिटल रोजगार का आधार तेजी से विस्तार कर रहा है। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढऩे के साथ दूसरे शहरों में नौकरी के लिए जाने के इच्छुक टेक पेशेवरों की संख्या एक साल में 20 प्रतिशत से घटकर 36,400 से 29 हजार रह गई है। वहीं, क्षेत्र में अनुभवी टेक पेशेवरों की संख्या भी बढ़ी है।

सिलिकॉन बीच : स्किल्स एंड टैलेंट लैंडस्केप ऑफ उडुपी-मेंगलूरु क्लस्टर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, मेंगलूरु-उडुपी क्लस्टर में कुल 2.80 लाख सक्रिय टेक प्रतिभाएं हैं। इनमें कम से कम एक वर्ष का अनुभव रखने वाले पेशेवरों की संख्या 1.05 लाख है। 2025 में यह आंकड़ा करीब 90 हजार था। यानी एक साल में अनुभवी प्रतिभाओं की संख्या में करीब 17 प्रतिशत वृद्धि हुई है।

मेंगलूरु में 20 प्रतिशत बढ़े अनुभवी टेक प्रोफेशनल

अनुभवी टेक प्रतिभाओं का बड़ा हिस्सा मेंगलूरु और उडुपी में केंद्रित है। मेंगलूरु में इनकी संख्या 2025 के 45,800 से बढक़र 2026 में 55 हजार हो गई, यानी करीब 20 प्रतिशत वृद्धि। उडुपी में यह संख्या 19,700 से बढक़र 22,500 पहुंच गई। अनुभवी पेशेवरों में 62 प्रतिशत पुरुष और 38 प्रतिशत महिलाएं हैं।

आइटी और प्रोग्रामिंग सबसे आगे

रोजगार क्षेत्रों में आइटी सबसे आगे है। यहां 24,500 अनुभवी पेशेवर हैं और पिछले वर्ष की तुलना में इस क्षेत्र की प्रतिभाओं में 21 प्रतिशत वृद्धि हुई है। इंजीनियरिंग क्षेत्र में करीब 16,500 पेशेवर हैं।

कौशल के लिहाज से प्रोग्रामिंग सबसे आगे है, जिसमें 25,600 प्रतिभाएं हैं। बिजनेस स्किल में 22,300 और वित्त एवं लेखा क्षेत्र में 18,100 पेशेवर हैं। प्रोग्रामिंग प्रतिभाओं में एक साल में 26 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई।

करियर के लिए बाहर जाने की चाह घटी

रिपोर्ट के अनुसार, मेंगलूरु-उडुपी से देश के अन्य शहरों में जाने के इच्छुक सक्रिय नौकरी तलाशने वालों की संख्या 2025 के 36,400 से घटकर 2026 में 29 हजार रह गई। इसके विपरीत, दूसरे शहरों से मेंगलूरु-उडुपी क्लस्टर में आने के इच्छुक नौकरी तलाशने वालों की संख्या करीब 24 हजार है, जिसमें एक साल में 3 प्रतिशत वृद्धि हुई है।

इन आंकड़ों से क्षेत्र में स्थानीय टेक रोजगार, कंपनियों के विस्तार और कुशल प्रतिभाओं को बनाए रखने की क्षमता में बदलाव का संकेत मिलता है। हालांकि, स्थानीय शिक्षण संस्थानों से निकलने वाली युवा प्रतिभाओं को मेंगलूरु-उडुपी में ही वैश्विक स्तर के रोजगार अवसर उपलब्ध कराना अभी बड़ी चुनौती है।

टेक क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत

मेंगलूरु के ‘सिलिकॉन बीच’ में टेक क्षेत्र ने पिछले वर्ष की तुलना में प्रगति की है और पेशेवरों का पलायन कम होना तटीय क्षेत्र के टेक क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत है।
–प्रियांक खरगे, आइटी-बीटी और इ-गवर्नेंस मंत्री

 

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By Bharat Ki Awaz

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