महाराष्ट्र सबसे आगे, 4.74 लाख जलस्रोत दर्ज
कर्नाटक के 96 प्रतिशत जलस्रोत ग्रामीण क्षेत्रों में
केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय की ओर से जारी जलस्रोतों की दूसरी गणना रिपोर्ट
हुब्बल्ली। केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय की ओर से जारी जलस्रोतों की दूसरी गणना रिपोर्ट में देश में जलस्रोतों की स्थिति को लेकर महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए हैं। महाराष्ट्र में सबसे अधिक 4.74 लाख जलस्रोत दर्ज किए गए हैं। इसके बाद उत्तर प्रदेश में 2.86 लाख जलस्रोत पाए गए हैं। कर्नाटक, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में भी जलस्रोतों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक में जलस्रोतों की संख्या 27,013 से बढक़र 38,960 हो गई है। यानी राज्य में जलस्रोतों की संख्या में 44.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इनमें करीब 96 प्रतिशत जलस्रोत ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं।
देश में जलस्रोतों की पहली गणना 2017-18 में की गई थी, जबकि दूसरी गणना 2023-24 में पूरी हुई। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटील ने नई दिल्ली स्थित भारत मंडप में आयोजित 9वें इंडिया इंटरनेशनल वाटर वीक के समापन समारोह में दूसरी गणना रिपोर्ट जारी की।
जलस्रोतों पर जुटाया व्यापक डाटा
गणना के दौरान ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में मौजूद जलस्रोतों की प्रकार, स्वामित्व, स्थिति, उपयोग, भंडारण क्षमता और अतिक्रमण समेत विभिन्न पहलुओं की जानकारी जुटाई गई है। सरकार का उद्देश्य इस विस्तृत आंकड़े के आधार पर जलस्रोतों के संरक्षण, पुनर्जीवन और बेहतर प्रबंधन के लिए प्रभावी नीतियां तैयार करना है।
खास बात यह है कि कर्नाटक में जलस्रोतों की संख्या में 44.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन इनमें 96 प्रतिशत का ग्रामीण क्षेत्रों में होना राज्य के गांवों में जल संरक्षण की भूमिका को और महत्वपूर्ण बनाता है।
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