दो साल से तेंदुए का आतंक, वन विभाग की कार्रवाई बेअसरतेंदुए पकडऩे के लिए वन विभाग के कर्मचारियों ने जाल बिछाया।

तद्देवाड़ी में बछड़ों पर हमले से दहशत, खेतों में रात बिताने से डर रहे किसान

विजयपुर। जिले के चडचण तालुक में तेंदुए की लगातार मौजूदगी से किसान दो साल से दहशत में हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हुआ। तद्देवाड़ी गांव में गाय और भैंस के बछड़ों पर हमले की आशंका ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों और बागानों में रात बिताने वाले किसान अब अपनी जान और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर भयभीत हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो सडक़ जाम कर प्रदर्शन किया जाएगा।

शिकायतें बेअसर, किसानों में आक्रोश

कर्नाटक राज्य रैत उदय हरित सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष और विजयपुर जिला अध्यक्ष नागनाथगौड़ा बिरादार ने हमले में मारे गए मवेशियों के घटना स्थल का दौरा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मामला जिलाधिकारी के संज्ञान में लाने के बावजूद किसानों को राहत नहीं मिली। उनके अनुसार, तेंदुए की गतिविधियों के कारण किसान भय के माहौल में खेती करने को मजबूर हैं।

सडक़ जाम की चेतावनी

बिरादार ने वन विभाग से तत्काल कार्रवाई कर तेंदुए को पकडऩे की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो किसान सडक़ पर उतरकर रास्ता रोकेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि मवेशियों पर हमलों के बीच खेतों में काम करना और रात गुजारना जोखिम भरा हो गया है।

गन्ने के खेत में जाल और कैमरे

वन विभाग के अधिकारी मंजुनाथ धूले ने बताया कि रविवार को तद्देवाड़ी के अडवि वस्ती क्षेत्र में गन्ने के खेत में गाय और भैंस के बछड़ों पर तेंदुए के हमले की आशंका जताई गई है। घटनास्थल पर जाल और कैमरे लगाए गए हैं। तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि होने पर उसे पकडऩे के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

 

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By Bharat Ki Awaz

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