अब एआई फोन कर पूछेगा—सेवा नहीं मिली तो अपील करें

सकाला योजना में बड़ा बदलाव

समयसीमा खत्म होते ही आवेदक को कॉल, सहमति मिलते ही अपील दर्ज कर एसएमएस से मिलेगा पंजीकरण नंबर

हुब्बल्ली। सरकारी सेवाओं में देरी होने पर अब आवेदकों को अपील के लिए खुद पहल करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कर्नाटक सरकार की सकाला योजना के तहत निर्धारित समयसीमा में सेवा नहीं मिलने पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित प्रणाली आवेदक को फोन करेगी। बातचीत के दौरान उसे अपील के अधिकार की जानकारी दी जाएगी। आवेदक की सहमति मिलते ही अपील दर्ज कर उसका पंजीकरण नंबर एसएमएस के जरिए भेज दिया जाएगा।

प्रजासेवा विभाग ने ई-गवर्नेंस विभाग के एआई प्रकोष्ठ की मदद से यह स्वचालित कॉल प्रणाली विकसित की है। इसका उद्देश्य नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और सरकारी सेवाओं में देरी के खिलाफ अपील की प्रक्रिया को सरल बनाना है।

देरी पर अधिकारी को देना पड़ सकता है जुर्माना

सकाल योजना के नियमों के अनुसार, यदि संबंधित अधिकारी निर्धारित समयसीमा में आवेदन का निपटारा नहीं करता है, तो उस पर प्रत्येक दिन की देरी के लिए 20 रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसकी अधिकतम सीमा 1,500 रुपए है। हालांकि, अनेक आवेदकों को इस प्रावधान की जानकारी नहीं होने से वे सेवा मिलने में देरी के बावजूद अपील नहीं करते।

इसी समस्या को दूर करने के लिए एआई प्रणाली समयसीमा समाप्त होते ही आवेदक से संपर्क करेगी। बातचीत के दौरान आवेदन संख्या, आवेदन के प्रकार और संबंधित विभाग की पुष्टि की जाएगी। इसके बाद आवेदक को बताया जाएगा कि वह अपील करने का पात्र है। साथ ही, देरी के मामले में नियमानुसार जुर्माना मिलने के प्रावधान की जानकारी भी दी जाएगी।

परिचित भाषा में होगी बातचीत

एआई प्रणाली स्वाभाविक बातचीत के अंदाज में आवेदक से संवाद करेगी। आवेदक अपनी सुविधा और परिचित भाषा में बात कर सकेगा। यदि वह अपील दर्ज कराने की सहमति देता है, तो अपील तत्काल दर्ज की जाएगी और पंजीकरण नंबर एसएमएस से भेज दिया जाएगा। सहमति नहीं मिलने पर उसकी इच्छा का सम्मान करते हुए कॉल समाप्त कर दी जाएगी।

10 हजार कॉल, 650 से 700 ने दी सहमति

इस व्यवस्था का प्रायोगिक परीक्षण शुरू हो चुका है। अब तक एआई प्रणाली करीब 10 हजार कॉल कर चुकी है। इनमें से लगभग 650 से 700 आवेदकों ने अपील दर्ज कराने के लिए सहमति दी है। कुछ लोग अनजान सरकारी कॉल समझकर फोन काट देते हैं, लेकिन अधिकारियों को उम्मीद है कि समय के साथ नागरिक इस व्यवस्था के अभ्यस्त हो जाएंगे।

सफल परीक्षण के बाद राज्यभर में विस्तार

नागरिकों को सरकारी सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराने के लिए एआई सहित आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। प्रायोगिक परीक्षण सफल रहने पर इस व्यवस्था को व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा। इससे नागरिकों को सेवा में देरी होने पर अपने अधिकारों का इस्तेमाल करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
–हर्ष गुप्ता, प्रधान सचिव, प्रजासेवा विभाग

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *