शहरी निकायों की सुस्ती से अटका पूर्ण साक्षर जिले का दर्जा

223 ग्राम पंचायतों का सत्यापन पूरा, 10 शहरी निकायों का प्रमाणन बाकी

एक नवंबर को घोषणा पर संशय

मेंगलूरु। दक्षिण कन्नड़ जिले को पूर्ण साक्षर घोषित करने की मुहिम शहरी निकायों के लंबित सत्यापन के कारण अटक गई है। जिले की सभी 223 ग्राम पंचायतों का सत्यापन पूरा हो चुका है, लेकिन मेंगलूरु महानगर निगम सहित 10 शहरी स्थानीय निकायों से प्रमाणन नहीं मिलने के कारण लक्ष्य हासिल करने में देरी हो रही है।

राज्य सरकार की योजना एक नवंबर को कर्नाटक राज्योत्सव के अवसर पर जिले को पूर्ण साक्षर घोषित करने की है। हालांकि, शहरी निकायों की ओर से प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण निर्धारित समय पर घोषणा को लेकर संशय बना हुआ है।

12,933 लोग बने नवसाक्षर

जिले में वर्ष 2017-18 से 2025-26 के दौरान विभिन्न साक्षरता कार्यक्रमों के तहत 15 से 70 वर्ष आयु वर्ग के 12,933 लोगों को नवसाक्षर बनाया गया है। ग्राम पंचायतों ने साक्षरता संबंधी सत्यापन पूरा कर रिपोर्ट शिक्षा विभाग को सौंप दी है।

एसआइआर से भी हुई देरी

जिला वयस्क शिक्षा अधिकारी फातिमा ने बताया कि विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (एसआइआर) के कारण सत्यापन प्रक्रिया प्रभावित हुई। शहरी निकायों से प्रमाणन प्रक्रिया में तेजी लाने का अनुरोध किया गया है। सभी निकायों का सत्यापन पूरा होने के बाद ही जिले को पूर्ण साक्षर घोषित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

 

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By Bharat Ki Awaz

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