39 एकड़ वनभूमि और 7,540 पेड़ों की कटाई पर केंद्र ने मांगा जवाब
343.74 करोड़ की परियोजना पर फिलहाल ब्रेक
बेलतंगड़ी (दक्षिण कन्नड़)। तटीय कर्नाटक को चिक्कमगलूरु से जोडऩे वाले बीसी रोड-चारमाड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग-73 के विस्तार पर पर्यावरणीय चिंताओं के चलते अड़ंगा लग गया है। चारमाड़ी घाटी में 11 किलोमीटर सडक़ चौड़ीकरण के लिए 39 एकड़ वनभूमि के उपयोग और 7,540 पेड़ों की कटाई के प्रस्ताव पर केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने कई सवाल उठाए हैं। इससे 343.74 करोड़ रुपए की परियोजना की आगे की प्रक्रिया फिलहाल प्रभावित हुई है।
भूस्खलन और वन्यजीव गलियारे पर सवाल
प्रस्तावित मार्ग पश्चिमी घाट के संवेदनशील क्षेत्र और कुद्रेमुख-पुष्पगिरी बाघ गलियारे के निकट से गुजरता है। मंत्रालय ने पेड़ों की कटाई से वन्यजीवों के आवास और पारिस्थितिकी पर पडऩे वाले प्रभाव, वन्यजीव संबंधी अनुमति की स्थिति तथा वनभूमि के उपयोग से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं।
भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, पूर्व में सडक़ निर्माण के दौरान इस क्षेत्र में करीब 45 भूस्खलन दर्ज किए गए थे। इसे देखते हुए मंत्रालय ने भूस्खलन जोखिम आकलन, विस्तृत भूवैज्ञानिक अध्ययन और वनक्षति के आकलन से संबंधित जानकारी भी मांगी है।
जवाब के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
पर्यावरण कार्यकर्ता विवेक एम. ने सडक़ विस्तार से संभावित पर्यावरणीय नुकसान को लेकर वन अधिकारियों को पत्र लिखे हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग, मेंगलूरु के कार्यकारी अभियंता के.टी. चंद्रशेखर ने बताया कि मंत्रालय द्वारा मांगे गए स्पष्टीकरण और परियोजना की आवश्यकता संबंधी रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत की जाएगी। इसके बाद परियोजना की आगे की प्रक्रिया स्पष्ट होगी।
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