किसान नेता चून्नप्पा पुजारी हिरासत में, गिरफ्तारी के विरोध में कई जगह सडक़ें जाम
टायर जलाकर प्रदर्शन, दो घंटे चन्नम्मा सर्कल पर हंगामा
बेलगावी। गन्ने का उचित मूल्य तय करने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन गुरुवार को उग्र हो गया। कर्नाटक राज्य किसान संघ और हरित सेना के आह्वान पर आयोजित ‘जेल भरो’ आंदोलन के दौरान पुलिस और किसानों के बीच कई जगह झड़प हुई। किसान नेता चून्नप्पा पुजारी को हिरासत में लिए जाने के बाद विरोध तेज हो गया। धक्का-मुक्की और खींचतान के बीच एक किसान की तबीयत बिगड़ गई। सांस लेने में परेशानी और थकान के कारण वह मौके पर ही गिर पड़ा। साथी किसानों और पुलिस ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया।
सैकड़ों किसान भूतरामनहट्टी गांव के मुक्तिमठ के पास एकत्र होकर हिंडलगा जेल की ओर पैदल मार्च कर रहे थे। पुलिस ने शहर में प्रवेश रोकते हुए किसान नेताओं को हिरासत में लेना शुरू किया। इसका विरोध करते हुए किसानों ने सडक़ पर बैठकर नारेबाजी की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वाहनों में बैठाने का प्रयास किया तो दोनों पक्षों के बीच तीखी धक्का-मुक्की हुई। किसान नेता चून्नप्पा पुजारी को भी मुक्तिमठ के पास हिरासत में लिया गया। पुलिस आयुक्त की निषेधाज्ञा के मद्देनजर यह कार्रवाई की गई।
चन्नम्मा सर्कल पर दो घंटे हंगामा
पुजारी की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही किसान रानी चन्नम्मा सर्कल पर जुट गए। उन्होंने उनकी रिहाई की मांग करते हुए यातायात रोकने की चेतावनी दी। पुलिस वाहनों को रोककर प्रदर्शनकारियों को नीचे उतारने की कोशिश भी की गई। बाद में अतिरिक्त पुलिस बल और चार वाहनों के साथ पहुंचे पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। पुलिस वाहन कम पडऩे पर परिवहन निगम की बसें भी बुलानी पड़ीं। करीब दो घंटे तक सर्कल पर अफरा-तफरी और यातायात जाम की स्थिति रही।
कई तालुकों में सडक़ें जाम, टायर जलाए
पुजारी और अन्य किसान नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में मुनवल्ली, यरगट्टी और कागवाड़ सहित जिले के कई इलाकों में प्रदर्शन हुए। मुनवल्ली और यरगट्टी में किसानों ने सडक़ पर टायर जलाकर यातायात रोका। कागवाड़ तालुक के ऐनापुर, उगार और कागवाड़ में प्रमुख मार्गों पर प्रदर्शनकारियों ने जाम लगाया। जेवर्गी-संकेश्वर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी विरोध प्रदर्शन हुआ। इससे महाराष्ट्र के मिरज की ओर जाने वाले मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्रियों और स्कूली विद्यार्थियों को परेशानी उठानी पड़ी।
करगुप्पी-पाश्चापुर मार्ग पर किसानों ने पुलिस वाहन के सामने अवरोध खड़ा कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि हिरासत में लिए गए किसानों को वाहन में ले जाते समय पीने का पानी तक नहीं दिया गया। अस्वस्थ हुए कुछ प्रदर्शनकारियों का बसापुर अस्पताल में उपचार कराया गया।
5,500 रुपए प्रति टन की मांग पर अड़े किसान
किसान संगठनों की मांग है कि गन्ने का न्यूनतम मूल्य 5,500 रुपए प्रति टन तय किया जाए। वहीं, चीनी मिलों ने 3,600 रुपए प्रति टन देने का प्रस्ताव रखा है। जिला प्रभारी मंत्री सतीश जारकीहोली ने दोनों पक्षों के बीच समझौते का प्रयास किया था। प्रस्ताव के अनुसार, पहले गन्ने की पेराई शुरू कराई जाए और चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य में बढ़ोतरी से अतिरिक्त आय होने पर किसानों को दूसरी किस्त में अधिक भुगतान दिलाने का प्रयास किया जाए। हालांकि, किसान इस प्रस्ताव पर सहमत नहीं हुए हैं। किसान नेता गिरिमल्लप्पा अथणी ने कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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