स्वामी विवेकानंद के सपने को साकार करेंहुब्बल्ली के कल्याणनगर स्थित रामकृष्ण विवेकानंद आश्रम में स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती समारोह को संबोधित करते स्वर्ण ग्रुप ऑफ कंपनीज के संस्थापक और जानेमाने व्यवसायी डॉ. सीएचवीएसवी प्रसाद।

डॉ. सीएचवीएसवी प्रसाद ने कहा
हुब्बल्ली. स्वर्ण ग्रुप ऑफ कंपनीज के संस्थापक और जानेमाने व्यवसायी डॉ. सीएचवीएसवी प्रसाद ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का सपना था कि हमारे युवा भारत को विश्व गुरु बनाए। हम सबको मिलकर उनके सपने को साकार करने का प्रयास करना चाहिए। उनकी आशा है कि हम सभी युवा स्वामी विवेकानंद के जीवन संदेशों का अध्ययन करें और उन्हें अपने जीवन में उतार कर जल्द से जल्द भारत को विश्व गुरु बनाना चाहिए।
वे हुब्बल्ली के कल्याणनगर स्थित रामकृष्ण विवेकानंद आश्रम में स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती समारोह के उद्घाटन के अवसर पर बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचारों की शक्ति इतनी प्रबल है कि इसका अच्छा उदाहरण वे खुद हैं। वे मात्र चार-पांच रुपए के साथ एक स्कूटर लेकर हुब्बल्ली आए थे। आज वे एक बड़ा व्यापारी बन गए हैं। यह विवेकानंद की शक्ति के कारण है।
प्रसाद ने कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति, कुछ कर गुजरने का आत्मविश्वास हो तो सफलता निश्चित है। सभी युवाओं को स्वामी विवेकानंद की जीवनी का अध्ययन कर उनके विचारों को अपने दैनिक जीवन में आत्मसात करना चाहिए तभील वाकई अद्भुत व्यक्ति बन जाएंगे।
मुख्य वक्ता रमेश उमरानी ने विद्यार्थियों को उदाहरण के माध्यम से बताया कि स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि यदि आपके पास पवित्रता, ईमानदारी और शुद्धता ये तीन गुण हैं तो पूरी दुनिया आपकी मु_ी में होगी और आपके माध्यम से महान कार्य संपन्न होंगे।
आश्रम के अध्यक्ष स्वामी तेजसानन्द, स्वामी बुद्धियोगानन्द और स्वामी गुरुदेवचरणानन्द ने भजन पेश किया। डॉ. नागलिंगा मुरगी ने इसका तबले पर साथ दिया।
समारोह में संभाजी एस कलाल, संगन्ना, बेलगावी सहित आठ कॉलेजों के 350 से अधिक छात्रों ने भाग लिया था। कार्यक्रम का संचालन डॉ. विनायक कुलकर्णी ने किया। दयानंद राव ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *