अगले शैक्षणिक वर्ष से डिप्लोमा के लिए नया पाठ्यक्रम

कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर विशेष जोर

कौशल विकास, उद्यमिता को मिलेगी मान्यता

हुब्बल्ली. अगले शैक्षणिक वर्ष से डिप्लोमा के लिए नया पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा। इसके पीछे का उद्देश्य छात्रों को तीन वर्ष के अध्ययन के अंत तक “नौकरी के लिए तैयार” करना है।

औद्योगिक क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की ओर से उत्पन्न परिवर्तनों को ध्यान में रखते हुए, नए पाठ्यक्रम में सिविल, मैकेनिकल, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स आदि शाखाओं में एआई के उपयोग पर विशेष पाठ्यक्रम शामिल किए जाएंगे।
इससे पहले डिप्लोमा में कंप्यूटर विज्ञान और सूचना विज्ञान केवल दो पाठ्यक्रम थे परन्तु नए पाठ्यक्रम में कई विशेष विषय हैं। पॉलिटेक्निकों को उद्योगों के लिए अपेक्षित विशिष्ट विषयों को अपनाने की अनुमति है।

विभिन्न विषयों को सीखने के अवसर मिलेंंगे

कंप्यूटर विज्ञान में क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा, फुल स्टैक डेवलपमेंट या एआई और एमएल, ऑटोमोबाइल में कृषि मशीनरी, ई-मोबिलिटी, निर्माण और अर्थ मूविंग उपकरण, ऑटोमेशन और रोबोटिक्स, मैकेनिकल में ऑटोमेशन और रोबोटिक्स, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, ई-मोबिलिटी या रेफ्रिजरेशन, इलेक्ट्रिकल में पावर इंजीनियरिंग, नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स में औद्योगिक आईओटी, ड्रोन आदि जैसे विभिन्न विषयों को सीखने के अवसर मिलेंंगे।

पाठ्यक्रम पर आधारित प्रोजेक्ट कार्य करने का विशेष अवसर

प्रथम वर्ष में आधारभूत पाठ्यक्रम होंगे, दूसरे वर्ष में मुख्य विषयों पर ध्यान दिया जाएगा तथा तीसरे वर्ष में विद्यार्थियों के कौशल विकास, उद्यमिता और रोजगार के अवसरों पर ध्यान दिया जाएगा। अब तक अंतिम सेमेस्टर में छात्रों के लिए 13 सप्ताह की इंटर्नशिप अनिवार्य थी। अब इंटर्नशिप के स्थान पर उन्हें अपने पाठ्यक्रम पर आधारित प्रोजेक्ट कार्य करने का विशेष अवसर भी दिया जाएगा।

“ओपन इलेक्टिव स्पेशलाइज्ड” विषयों का अध्ययन आवश्यक

इसी प्रकार पांचवें सेमेस्टर में प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और उद्यमिता सीखना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके माध्यम से डिप्लोमा छात्रों में उद्यमशीलता को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, छात्र को तीन “ओपन इलेक्टिव स्पेशलाइज्ड” विषयों का अध्ययन करना आवश्यक है। इन तीनों विषयों का अध्ययन “बूट कैम्प” मॉडल (तेजी से सीखने पर विशेष जोर देते हुए) में डिज़ाइन किया गया है। प्रत्येक विषय के लिए 104 घंटे आवंटित हैं। कन्नड़, अंग्रेजी या दोनों भाषाओं में परीक्षा लिखने का अवसर जारी रहेगा, जैसा कि पहले से ही लागू है।

31 मार्च तक सुझाव प्रस्तुत किए जा सकते हैं

राज्य में डिप्लोमा पाठ्यक्रम हर पांच साल में बदल रहा है। इससे पहले 2020 में संशोधन किया गया था। 2025-2030 के लिए नया पाठ्यक्रम तैयारी के अंतिम चरण में है और इसे “सी-25 पॉलिटेक्निक डिप्लोमा पाठ्यक्रम” नाम दिया गया है। पाठ्यक्रम का मसौदा तकनीकी शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है तथा सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। 31 मार्च तक सुझाव प्रस्तुत किए जा सकते हैं। अप्रेल के दूसरे सप्ताह तक पाठ्यक्रम को अंतिम रूप देने के लिए डिप्लोमा व्याख्याताओं, उद्यमियों और तकनीकी शिक्षा विशेषज्ञों के साथ कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसके बाद इसे राज्य सरकार को भेजा जाएगा। नया पाठ्यक्रम सरकार की मंजूरी के साथ लागू हो जाएगा।

अगले शैक्षणिक वर्ष से लागू होगा नया पाठ्यक्रम

नए डिप्लोमा पाठ्यक्रम की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। हम एआई की ओर से लाए गए और आने वाले परिवर्तनों को ध्यान में रखते हुए उद्यमियों की राय लेकर पाठ्यक्रम विकसित कर रहे हैं। नया पाठ्यक्रम अगले शैक्षणिक वर्ष से लागू किया जाएगा।
एच. प्रसन्ना, निदेशक, तकनीकी शिक्षा विभाग

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By Bharat Ki Awaz

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