अब हिसाब-किताब से मुक्त होंगे सरकारी स्कूलों के शिक्षकएआइ फोटो।

956 स्कूलों में छात्र डेटा प्रबंधन सहायक और सुरक्षा कर्मियों की नियुक्ति को मंजूरी

15 अगस्त तक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश

हुब्बल्ली। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों पर बढ़ते गैर-शैक्षणिक कार्यों के बोझ को कम करने के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब कर्नाटक पब्लिक स्कूल (केपीएस), आदर्श विद्यालय और पीएमश्री स्कूलों में विद्यार्थियों से संबंधित आंकड़े और विभिन्न विभागीय सूचनाएं व्यवस्थित करने के लिए छात्र डेटा प्रबंधन सहायकों की नियुक्ति की जाएगी। साथ ही सुरक्षा कर्मियों की नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई है।

राज्य के अधिक विद्यार्थी संख्या वाले 956 चयनित सरकारी स्कूलों में यह व्यवस्था लागू होगी। समग्र शिक्षा कर्नाटक की राज्य परियोजना निदेशक के. विद्याकुमारी के अनुसार, वर्ष 2026-27 की केंद्र प्रायोजित समग्र शिक्षा योजना के तहत मानदेय के आधार पर इन कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी।

शिक्षकों का गैर-शैक्षणिक काम होगा कम

सरकारी स्कूलों में शिक्षक विद्यार्थियों की उपस्थिति, मध्याह्न भोजन का हिसाब, सैट्स में अंक दर्ज करने, विभिन्न सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी विभाग को भेजने जैसे कार्यों में काफी समय खर्च करते हैं। विशेष रूप से केपीएस स्कूलों में 700 से 1,000 तक विद्यार्थी होने के कारण आंकड़े और रिकॉर्ड तैयार करना शिक्षकों के लिए अतिरिक्त बोझ बन जाता है।

विद्याकुमारी ने कहा कि इसी बोझ को कम करने के उद्देश्य से छात्र डेटा प्रबंधन सहायकों की नियुक्ति की जा रही है, ताकि शिक्षक अपना अधिक समय अध्यापन और विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति पर दे सकें।

कंप्यूटर ज्ञान अनिवार्य

सहायक पद के लिए उम्मीदवार के पास किसी भी विषय में स्नातक डिग्री के साथ कंप्यूटर कोर्स का प्रमाणपत्र होना चाहिए। एमएस ऑफिस, स्प्रेडशीट और विभिन्न ऑनलाइन पोर्टल के संचालन का ज्ञान भी आवश्यक होगा।

चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए मुख्याध्यापक अथवा प्रधानाचार्य, स्कूल विकास एवं निगरानी समिति तथा जिला उपनिदेशक कार्यालय के कंप्यूटर प्रोग्रामर को शामिल कर समिति बनाई जाएगी। समिति द्वारा व्यावहारिक परीक्षा के माध्यम से योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।

15 अगस्त तक नियुक्ति पूरी करने के निर्देश

क्षेत्र शिक्षा अधिकारियों को अपने क्षेत्र के स्कूलों का निरीक्षण कर निर्धारित समय सीमा में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने की पुष्टि करने और इसकी रिपोर्ट जिला उपनिदेशक को देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद जिलास्तरीय समेकित रिपोर्ट राज्य कार्यालय को भेजी जाएगी। नियुक्ति प्रक्रिया 15 अगस्त तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।

क्या होंगे डेटा सहायकों के प्रमुख कार्य?

विद्यार्थियों का दाखिला और संबंधित रिकॉर्ड नियमित रूप से अपडेट करना।
दाखिला, उपस्थिति और शैक्षणिक प्रदर्शन का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखना।
यूडीआइएसइ+, सैट्स और एलबीए आदि में आवश्यक अंक व जानकारी दर्ज करना।
विभिन्न सरकारी पोर्टल और एमआइएस प्रणालियों पर समय पर जानकारी अपलोड करना।
समग्र शिक्षा कर्नाटक और अन्य विभागीय प्रणालियों के लिए आंकड़े जुटाकर उनका संकलन करना।
मुख्याध्यापक और शिक्षकों को स्कूल रिपोर्ट, आंकड़े और रिकॉर्ड प्रबंधन में सहायता देना।
स्कूल की डिजिटल सूचनाओं को व्यवस्थित कर आवश्यक जानकारी को आसानी से उपलब्ध कराना।

 

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By Bharat Ki Awaz

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