पीएम-श्री भवन तैयार, मगर बिजली-पानी-सडक़ गायब
पहाड़ी के खतरनाक रास्ते से बच्चों को भेजने से अभिभावक चिंतित
संडूर (बेल्लारी)। सरकारी स्कूल के लिए 1.85 करोड़ रुपए से भवन बना, लेकिन बच्चों के लिए स्कूल आज भी दूर है। संडूर तालुक के कुरेकूप्पा में पीएम-श्री सरकारी हाई स्कूल का नया भवन महीनों से खाली पड़ा है। दूसरी ओर 9वीं और 10वीं के 164 विद्यार्थी पिछले एक साल से यात्री निवास में कक्षाएं लगाने को मजबूर हैं।
कल्याण कर्नाटक विकास बोर्ड के तहत लोक निर्माण विभाग ने 185.30 लाख रुपए खर्च कर पहाड़ी पर भवन खड़ा कर दिया, लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए सुरक्षित सडक़ नहीं है। बिजली और पेयजल की व्यवस्था भी नहीं हुई है। चारदीवारी के अभाव में पूरा परिसर खुला पड़ा है। निर्माण के बाद बचा मलबा और कंटीली झाडिय़ां भी परिसर में फैली हैं।
भवन तक पहुंचना ही चुनौती
अभिभावकों का कहना है कि नए स्कूल तक जाने वाला पथरीला और तीखा ढलान वाला रास्ता बच्चों के लिए जोखिम भरा है। सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं के बिना वे बच्चों को वहां भेजने का जोखिम नहीं उठा सकते।

तीन साल में स्कूल का तीसरा ठिकाना
सरकारी हाई स्कूल की शुरुआत 2022 में हुई थी। पहले स्थानीय सीनियर प्राइमरी स्कूल में कक्षाएं चलीं। जगह कम पड़ी तो स्कूल को यात्री निवास में शिफ्ट कर दिया गया। अब एक साल से वहीं पढ़ाई चल रही है।
शिक्षक भी अस्थायी
स्कूल में स्थायी शिक्षकों की कमी भी गंभीर है। प्रभारी मुख्य अध्यापिका और पांच अतिथि शिक्षकों के भरोसे पढ़ाई चल रही है।
प्रशासन को जानकारी तक नहीं
स्थानीय निवासी यू. अंजिनप्पा ने नए भवन को सुविधाएं देकर तत्काल स्कूल स्थानांतरित करने की मांग की। बेल्लारी के डीडीपीआइ तिप्पेस्वामी ने कहा कि उन्हें मामले की आधिकारिक जानकारी नहीं है। उन्होंने संडूर के बीइओ से रिपोर्ट लेने की बात कही।
आंकड़े
185.30 लाख रुपए— भवन निर्माण लागत
164 — 9वीं-10वीं के विद्यार्थी
2022 — स्कूल की शुरुआत
5 — अतिथि शिक्षक
1 साल — यात्री निवास में संचालन
0 — बिजली, पेयजल व सुरक्षित पहुंच मार्ग की व्यवस्था
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