ईश्वरप्पा ने कहा
हुब्बल्ली.
भाजपा नेता पूर्व मंत्री केएस ईश्वरप्पा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टर मुस्लिमों की टोपी पहनने के लिए कांग्रेस में चले गए हैं। हम उन्हें लोगों को टोपी पहनाने नहीं देंगे।

हुब्बल्ली में गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन में ईश्वरप्पा ने कहा कि शेट्टर सत्ता की लालसा के कारण कांग्रेस में शामिल हुए हैं। वे स्वर्ग में अपने पिता को क्या उत्तर देंगे? भाजपा इस बार राज्य में अधिक सीटें जीतेगी। कांग्रेस में सिद्धरामय्या गुट, डीके शिवकुमार गुट या कांग्रेस के किसी अन्य गुट में शेट्टर की चिन्हित होंगे।

शेट्टर का कहना है कि भाजपा ने उनके साथ सम्मान से पेश नहीं आई। यह बात टिकट वंचित किसी ने भी नहीं कही है। भाजपा से विपक्ष का नेता, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) बनने के लिए कहा तो बहुत संतोष हुआ। अब चुनाव की राजनीति से सन्यास लेने को कहने पर दु:ख हुआ है कहेंगे तो कैसे चलेगा? आज जब पार्टी इतनी बड़ी हो गई है तो युवाओं के लिए वरिष्ठों को कुर्बानी देनी पडेगी।

जब शेट्टर भाजपा में थे, तब शेट्टर ने गौ-हत्या और धर्मांतरण निषेध अधिनियम के पक्ष में बात की थी। राज्य में कांग्रेस के सत्ता में आने पर इन मुद्दों पर उनका क्या रुख होगा इस बारे में शेट्टर का मतदाताओं के सामने स्पष्ट करना चाहिए। राज्य में कांग्रेस की सत्ता में हिंदू कार्यकर्ताओं की हत्याएं हुई थीं। इस पर शेट्टर का क्या रुख है।

जगदीश शेट्टर के भाजपा छोडऩे को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में दर्द और गुस्सा है। इसके चलते राज्य स्तर पर हुब्बल्ली-धारवाड़ सेंट्रल सीट से भाजपा प्रत्याशी महेश टेंगिनकाई की जीत काफी अहम होगी।

ईश्वरप्पा को आया गुस्सा
के एस ईश्वरप्पा ने गुस्से में आकर कहा कि भाजपा में टिकट आवंटन के लिए केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) है। इस बारे में पूछने वाले तुम होते कौन हो? यह आपसे संबंधित नहीं है।

संवाददाता सम्मेलन में पत्रकार के सवालों से विचलित होकर उन्होंने कहा कि आपको मुझसे यह नहीं पूछना चाहिए कि मुझे टिकट दिया गया या नहीं। सीईसी में सभी ने बैठकर चर्चा की और उम्मीदवारों की सूची जारी की है। हमने यह कभी नहीं कहा कि टिकट से वंचित होने वालों की सभी बहुओं को टिकट देंगे। हमने शेट्टर से कहा था कि अगर आपकी बहू चुनाव में खड़ी होती है तो खड़ी की जिए वहना जाने दी जिए। पार्टी में महिलाओं को मौका देने के लिए यह फैसला किया गया था। पार्टी के फैसले पर सवाल उठाने वाले आप कौन होते हैं?

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By Bharat Ki Awaz

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