विधान परिषद् सभापति बसवराज होरट्टी ने किया स्पष्ट
सिरसी. कर्नाटक विधान परिषद् के सभापति बसवराज होरट्टी ने स्पष्ट कहा है कि यदि उन्हें सभापति पद से हटाने की कोशिश की गई तो वे तत्काल इस्तीफा दे देंगे।
शहर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए होरट्टी ने कहा कि पहले भी परिषद् में दलों का बलाबल बदलने के बावजूद सभापति को नहीं हटाया गया था। अब भले ही कांग्रेस को बहुमत मिला है, मुझे कोई चिंता नहीं है परन्तु यदि मुझे पद से हटाने की पहल की गई तो मैं तुरंत इस्तीफा दे दूंगा।
उन्होंने कहा कि चाहे कोई व्यक्ति एक वर्ष तक सभापति रहे या दस वर्ष तक, अंतत: उसे ‘पूर्व सभापति’ ही कहा जाता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पहले वी.एस. उग्रप्पा और डी.एच. शंकरमूर्ति को दलों की स्थिति बदलने पर पद से हटाया गया था। अगर कांग्रेस अब ऐसा करती है, तो यह इतिहास रचने जैसा होगा।
वर्तमान राजनीति पर टिप्पणी करते हुए होरट्टी ने कहा कि आज परिषद् ही नहीं, कहीं भी मूल्यों का महत्व नहीं बचा है। सब कुछ पूर्व मुख्यमंत्री रामकृष्ण हेगड़े के समय में ही समाप्त हो गया। अब तो केवल धनबल से वोट डालना और पाना ही रह गया है।

