मानसिक स्वास्थ्य के लिए संबल
बीदर. तेजी से बदलती जीवनशैली और बढ़ते मानसिक दबाव ने बच्चों से लेकर वयस्कों तक को प्रभावित किया है। इसी का प्रमाण है कि राज्य में पिछले तीन वर्षों में लगभग 53 हजार लोगों ने मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता के लिए सरकार की ‘टेली-मानस’ नि:शुल्क हेल्पलाइन (14416) पर कॉल किया है।
केंद्र सरकार ने 10 अक्टूबर 2022 (विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस) को इस राष्ट्रीय टेली-मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की शुरुआत की थी। राज्य में इसे बेंगलूरु स्थित निम्हांस की ओर से संचालित किया जा रहा है। हेल्पलाइन 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन उपलब्ध है।
जिलेवार आंकड़े
अक्टूबर 2022 से जुलाई 2025 तक हेल्पलाइन पर कुल 53,824 कॉल दर्ज हुईं। इनमें मंड्या से 6,192, बेंगलूरु शहरी से 5,667, बीदर से 3,439, धारवाड़ से 3,361 और बेलगावी से 3,074 कॉल प्राप्त हुए हैं।
कैसे काम करती है ‘टेली-मनोस’
-कॉल करने वालों को 20 भाषाओं में परामर्श उपलब्ध।
-शुरुआती स्तर पर प्रशिक्षित काउंसलर सलाह देते हैं।
-गंभीर मामलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विशेषज्ञ मनोचिकित्सक से संपर्क।
-कॉल करने वालों में 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग की संख्या सर्वाधिक।
कौन कर सकता है कॉल?
-शैक्षणिक या कामकाज का दबाव झेल रहे छात्र-युवा
-पारिवारिक, आर्थिक तनाव से जूझ रहे लोग
-अवसाद या आत्महत्या जैसी प्रवृत्ति वाले व्यक्ति
-नशे की लत या स्मृति-संबंधी समस्या से ग्रस्त लोग
बीदर जिला राज्य में तीसरे स्थान पर
मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति अब लोगों में जागरूकता बढ़ रही है। जिला स्तर पर भी ‘टेली-मनोस’ के प्रचार-प्रसार से कॉल की संख्या बढ़ रही है। हेल्पलाइन लोगों को समय पर परामर्श देकर आत्मविश्वास और समाधान प्रदान कर रही है। बीदर जिला राज्य में तीसरे स्थान पर है।
–डॉ. किरण पाटील, जिला मानसिक स्वास्थ्य अधिकारी, बीदर

