क्षेत्र तलाश की सियासी कवायद तेजयल्बुर्गा विधायक बसवराज रायरेड्डी।

क्या यल्बुर्गा विधायक बसवराज रायरेड्डी कोप्पल से लड़ेंगे चुनाव?

कोप्पल में चुनावी हलचल

कोप्पल. विधानसभा चुनाव में अभी दो वर्ष शेष हैं, लेकिन कोप्पल जिले में राजनीतिक सरगर्मियां पहले से ही तेज हो गई हैं। संभावित उम्मीदवारों की ओर से क्षेत्र तलाशने की कवायद अब खुलकर सामने आ रही है। इसी बीच मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार और यल्बुर्गा विधायक बसवराज रायरेड्डी को लेकर चर्चा है कि वे आगामी चुनाव में यल्बुर्गा छोडक़र कोप्पल से मैदान में उतर सकते हैं।

मंत्री पद न मिलने की टीस

सिद्धरामय्या सरकार में अपेक्षा के अनुरूप रायरेड्डी को मंत्री पद नहीं मिला। यह असंतोष उनके भीतर गहराई से बैठा है। राजनीतिक हलकों में कयास हैं कि यदि आगामी फेरबदल में भी उन्हें मौका नहीं मिला, तो वे चुनाव से पहले दल बदलने पर विचार कर सकते हैं।

कोप्पल पर नजर

रायरेड्डी ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि यल्बुर्गा में किए गए विकास कार्यों की तरह कोप्पल और गदग के लोग भी उनसे अपने क्षेत्र से चुनाव लडऩे का आग्रह कर रहे हैं। जानकारों का मानना है कि यह बयान महज औपचारिक नहीं, बल्कि ठोस तैयारी का संकेत है।

1989 से यल्बुर्गा का प्रतिनिधित्व

बसवराज रायरेड्डी 1989 से लगातार यल्बुर्गा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इतने लंबे समय बाद क्षेत्र बदलने की संभावना ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।

बेटी ममता को मैदान में उतारने की तैयारी

चर्चा है कि 2028 के चुनाव में रायरेड्डी अपनी बेटी ममता को यल्बुर्गा से उतारने की तैयारी कर रहे हैं। 2023 में ममता ने कई गांवों में जाकर अपने पिता के लिए प्रचार किया था। माना जा रहा है कि रायरेड्डी अपने लिए नया क्षेत्र तलाश रहे हैं ताकि बेटी को सुरक्षित राजनीतिक शुरुआत मिल सके।

कांग्रेस या भाजपा?

यदि पिता और बेटी दोनों को कांग्रेस टिकट नहीं मिला, तो रायरेड्डी के भाजपा में शामिल होने की अटकलें भी हैं। बताया जा रहा है कि उनका भाजपा नेताओं से अंदरखाने संपर्क बना हुआ है।

रायरेड्डी ने कहा कि यल्बुर्गा में जैसे विकास कार्य हुए हैं, वैसे ही विकास के लिए कोप्पल और गदग तालुक के तिम्मापुर क्षेत्र के लोग मुझे अपने यहां से विधायक बनने का आग्रह कर रहे हैं।

कुल मिलाकर, 2028 से पहले ही कोप्पल की राजनीति में बड़ी चालें चलती दिख रही हैं। बसवराज रायरेड्डी का अगला कदम क्या होगा—यह आने वाले महीनों में स्पष्ट होगा, लेकिन फिलहाल राजनीतिक चर्चाओं का बाजार गर्म है।

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By Bharat Ki Awaz

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