मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने दिया आश्वासन
ऐतिहासिक विरासत को पुनर्जीवित करने की दिशा में अहम पहल
बागलकोट. वर्ष 2025-26 के राज्य बजट में की गई घोषणा के अनुरूप बादामी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को उजागर करने के उद्देश्य से चालुक्य उत्सव का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने इस अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उत्सव न केवल कर्नाटक के गौरवशाली इतिहास को सामने लाएगा, बल्कि पर्यटन को भी नई दिशा देगा।
दस वर्षों बाद पुन: आयोजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि चालुक्य वंश की समृद्ध परंपरा को दर्शाने वाला यह उत्सव बीते करीब दस वर्षों से आयोजित नहीं हो पा रहा था। बजट घोषणा के बाद इसे पुन: शुरू किया गया है। बादामी जैसे ऐतिहासिक नगर की पहचान को सहेजना और आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है।
विकास कार्यों की निरंतरता
सिद्धरामय्या ने कहा कि उनके विधायक कार्यकाल के दौरान बादामी विधानसभा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की गई थीं। उन्हीं विकास कार्यों की निरंतरता को वर्तमान विधायक आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में भी बादामी के समग्र विकास को गति दी जाएगी।
पर्यटन ढांचे को मजबूती
पर्यटन से जुड़े बुनियादी ढांचे पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बादामी से मेणद बसदी की ओर जाने वाली सडक़ के विकास को लेकर पर्यटन मंत्री की ओर से मंजूरी दी जा चुकी है। इस परियोजना को शीघ्र अमल में लाया जाएगा, जिससे पर्यटकों को सुविधा मिलेगी और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी।
कलाकारों और युवाओं को लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि चालुक्य उत्सव जैसे कार्यक्रमों से स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को लाभ होगा। इससे इतिहास और संस्कृति का संरक्षण होगा तथा युवाओं को अपनी विरासत से जुडऩे का अवसर मिलेगा।
प्राथमिकता में बादामी का विकास
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में बादामी और आसपास के क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि यह ऐतिहासिक नगर राज्य और देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी सशक्त पहचान बना सके।

