मंत्री सतीश जारकीहोली ने की अपील
राणेबेन्नूर में वीरमदकरी नायक की प्रतिमा का अनावरण
मंच से सतीश जारकीहोली को मुख्यमंत्री बनाने की मांग
राणेबेन्नूर. लोक निर्माण मंत्री सतीश जारकीहोली ने कहा कि समाज में बुद्ध, बसव और डॉ. आंबेडकर सहित सभी महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित कर नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से परिचित कराया जाना चाहिए। इससे बच्चों में संस्कार और सामाजिक चेतना का विकास होगा।
वे तालुक के वाई.टी. होन्नट्टी गांव में महर्षि वाल्मीकि नायक कल्याण संघ की ओर से स्थापित वीरमदकरी नायक की प्रतिमा के अनावरण समारोह में संबोधित कर रहे थे।
जारकीहोली ने कहा कि जो बच्चे इतिहास पढ़ते और समझते हैं, वही आगे चलकर इतिहास रचते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के महत्व को बढ़ाने के लिए आवासीय विद्यालय खोले गए हैं, जिनका समाज को लाभ उठाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि संविधान लागू होने के बाद सभी वर्गों को शिक्षा का अधिकार मिला है और मठों के माध्यम से भी राज्य में शैक्षणिक जागृति आ रही है। वाल्मीकि समाज की ओर से तिन्थणी में 18 एकड़ भूमि पर मठ का निर्माण शिक्षा प्रसार के उद्देश्य से किया जा रहा है।
कार्यक्रम का उद्घाटन कर भाजपा एसटी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बंगारू हनुमंतु ने कहा कि शिक्षा से सभी समस्याओं का समाधान संभव है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के दौरान एसटी वर्ग को 7 प्रतिशत आरक्षण दिया गया था, लेकिन वर्तमान में नौकरियों में केवल 3 प्रतिशत आरक्षण मिल रहा है। उन्होंने मंत्री से रोजगार में भी 7 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
इसी दौरान बंगारू हनुमंतु ने मंच से सतीश जारकीहोली को मुख्यमंत्री बनाने की मांग करते हुए कहा कि उनके बढ़ते प्रभाव से विपक्ष नहीं, बल्कि उनकी ही पार्टी के कुछ लोग असहज हैं। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि समाज के लिए कांग्रेस में सतीश जारकीहोली और भाजपा में श्रीरामुलु दो आंखों के समान हैं तथा अब समाज के नेता को मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिलना चाहिए।
समारोह में पुण्यकोटी मठ के बाल जगदीश्वर स्वामी, विधायक प्रकाश कोलिवाड, विधानसभा उपाध्यक्ष रुद्रप्पा लमाणी सहित कई जनप्रतिनिधि और समाज के पदाधिकारी उपस्थित थे।

