48 करोड़ की परियोजना 12 वर्षों से अपूर्ण
किसान बोले—‘पानी के लिए शबरी की तरह इंतजार’
बागलकोट. जमखंडी तालुक में वर्ष 2013 में 48 करोड़ रुपए की लागत से शुरू की गई एक्कलमट्टी लिफ्ट सिंचाई योजना (तोड़लबागी-चिक्कलकी योजना) 12 वर्षों बाद भी अधूरी है। करीब 5 हजार एकड़ भूमि को आठ महीने तक सिंचाई सुविधा देने के उद्देश्य से आरंभ की गई इस परियोजना का लाभ तोड़लबागी, चिक्कलकी, बिदरी, जनवाड तथा विजयपुर जिले के अर्जुनगी गांव के किसानों को मिलना था, लेकिन अब तक उन्हें पानी नसीब नहीं हुआ है।
परियोजना के तहत जनवाड के समीप कृष्णा नदी से सात किलोमीटर दूर एक्कलमट्टी तक पाइपलाइन के माध्यम से पानी लाकर, वहां से नहरों द्वारा खेतों तक पहुंचाने की योजना बनाई गई थी। लेकिन अभी 300 मीटर पाइपलाइन बिछाना शेष है और करीब 50 प्रतिशत नहर निर्माण कार्य बाकी है।
इसके अलावा विजयपुर जिले के देवरगेण्णूर से बिजली आपूर्ति के लिए 25 प्रतिशत बिजली खंभे लगना बाकी हैं तथा ट्रांसफॉर्मर की स्थापना भी लंबित है। कृष्णा नदी से पानी उठाने के लिए 1600 एचपी की तीन मोटरें भी स्थापित की जानी हैं।
किसानों का आरोप है कि धन की कमी न होने के बावजूद अधिकारियों की लापरवाही से कार्य अधूरा पड़ा है। किसान नेता ज्योतिबा चौहान ने परियोजना शीघ्र पूर्ण करने की मांग की है। वहीं रामप्पा करजगी ने कहा कि पूर्व ठेकेदार काम छोडक़र चले गए और दो वर्षों से नए ठेके की बात हो रही है, परन्तु अमल नहीं हुआ।
किसान सिद्धराय सनसिद ने बताया कि भूमि अधिग्रहण का मुआवजा भी अब तक नहीं मिला। पानी की आस में जमीन दी, अब न पानी मिला, न मुआवजा।
तीन महीने में परियोजना पूरी
ठेकेदार के छोडक़र जाने से कार्य लंबित पड़ा है। अब 3.62 करोड़ रुपए का नया टेंडर जारी किया गया है और तीन महीने में परियोजना पूरी कर किसानों को पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
–शांतप्पा कोळी, अभियंता, लघु सिंचाई विभाग, विजयपुर

