नरसिंहराजपुर क्षेत्र में हाथियों की रोकथाम की पहल
7.71 किमी बनेगा बैरिकेड
भद्रा अभयारण्य से आ रहे 30-40 हाथियों पर लगेगी रोक
चिक्कमगलूरु. कोप्पा वन विभाग के अंतर्गत नरसिंहराजपुर, चिक्कग्रहार और बालेहोन्नूर रेंज में बढ़ते जंगली हाथियों के उपद्रव को रोकने के लिए राज्य सरकार ने रेलवे बैरिकेड निर्माण को प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है।
हाल के महीनों में भद्रा अभयारण्य से हाथी भद्रा नदी और बैकवॉटर पार कर नरसिंहराजपुर और चिक्कग्रहार क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं। वहीं मूडिगेरे और आलूर रेंज से हाथी बालेहोन्नूर क्षेत्र में पहुंचकर किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। वन क्षेत्रों और कॉफी बागानों में 30 से 40 हाथियों की मौजूदगी दर्ज की गई है। नवंबर 2024 से जुलाई 2025 के बीच हाथियों के हमलों में चार लोगों की मौत हो चुकी है।
वन विभाग की ओर से प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) ने मानव-हाथी संघर्ष रोकने के लिए बैरिकेड निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा था, जिसे 3 मार्च को सरकार ने मंजूरी दे दी।
स्वीकृति के अनुसार चिक्कग्रहार रेंज के कोल्लेहल्ला से करकूट तक 2.57 किमी बैरिकेड के लिए 4.31 करोड़ रुपए, सार्य से करकूट तक 2.81 किमी के लिए 4.69 करोड़ रुपए तथा बेल्लंगी से कोल्लेहल्ला तक 2.33 किमी के लिए 3.76 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। कुल 7.71 किमी लंबाई के बैरिकेड निर्माण पर 12.77 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
शृंगेरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक टी.डी. राजेगौड़ा ने बताया कि क्षेत्र में मानव-हाथी संघर्ष रोकने के लिए यह प्रस्ताव भेजा गया था और सरकार की मंजूरी के बाद शीघ्र ही कार्य शुरू होगा। अधिकारियों का मानना है कि बैरिकेड बनने से हाथियों की आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।

