बागलकोट. कूडलसंगम लिंगायत पंचमसाली पीठ में चल रहे विवाद के बीच, अखिल भारत लिंगायत पंचमसाली ट्रस्ट ने बसव जय मृत्युंजय स्वामी को पद से हटाया दिया है।
पिछले एक साल से ट्रस्ट और स्वामी के बीच मतभेद चल रहे थे, जो हाल ही में और बढ़ गए। कूडलसंगम में आयोजित बैठक में स्वामी को हटाकर पीठ के लिए नया स्वामी नियुक्त करने का ट्रस्ट अध्यक्ष और सदस्यों ने निर्णय लिया है।
स्वामी ने 22 सितम्बर को भक्तों की सभा बुलाकर अपने पक्ष में निर्णय लेने की बात कही है। उनका कहना है कि पीठ उनके निजी स्वामित्व में नहीं है और भविष्य में भक्तों का निर्णय अंतिम रहेगा।
इतिहास और विवाद
2008 में कूडलसंगम में पंचमसाली समाज के दूसरे पीठ की स्थापना हुई थी और बसव जय मृत्युंजय स्वामी को पीठाध्यक्ष नियुक्त किया गया परन्तु बाद के वर्षों में ट्रस्ट और स्वामी के बीच मतभेद बढ़ते गए, जिसमें स्वामी के निजी स्वामित्व और धर्म संबंधी बयान विवाद का मुख्य कारण रहे।
स्वामी ने कहा है कि उन्होंने पीठ और शुरुआत कूडलसंगम से की थी और समाप्ति भी वहीं होनी चाहिए। उन्होंने भक्तों को अपना निर्णय लेने का अधिकार दिया है और कहा कि 22 सितम्बर को भक्त सभा में आगे की कार्रवाई की घोषणा करेंगे।
पद से हटाने के कारण
ट्रस्ट के महा सचिव नीलकंठ असोटी ने कहा कि ट्रस्ट ने आरोप लगाया कि स्वामी ने निजी संपत्ति बनाकर और लिंगायत धर्म के खिलाफ बयान देकर पद से हटाने का कारण बने। उन्हें चेतावनी देने के बावजूद उन्होंने बासव सिध्दांत के विपरीत कार्य किए। स्वामी और पीठ का अब कोई संबंध नहीं है और नए स्वामी को नियुक्त किया जाएगा।
समुदाय के साथ चर्चा की जाएगी
अखिल भारत लिंगायत पंचमसाली ट्रस्ट के अध्यक्ष विजयानंद काशप्पनवर ने कहा कि बसव सिध्दांत को छोडक़र गणना में हिंदू लिखने का बयान देने और अपनी व्यक्तिगत संपत्ति व संस्थाएं स्थापित करने के आरोपों के बीच अखिल भारत लिंगायत पंचमसाली ट्रस्ट ने स्वामी को पद से हटाया है। ट्रस्ट ने स्वामी के स्थान पर एक विकल्प स्वामी की नियुक्ति करने की घोषणा की है। स्वामी से संबंधित अत्यंत निजी मामलों पर समुदाय के साथ चर्चा की जाएगी।

