दो चरण बनाम छह चरण को लेकर आमने-सामने भाजपा-कांग्रेस पार्षद
रिकॉर्डिंग की गलती पर महापौर ने कर्मचारियों को फटकारा
बेलगावी। महानगर निगम परिषद की बुधवार को हुई बैठक में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर भाजपा और कांग्रेस पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। गाने के कितने चरण बजाए जाने चाहिए, इसे लेकर सदन में असमंजस की स्थिति बनी और कुछ समय के लिए हंगामा खड़ा हो गया।
बैठक शुरू होते ही पहले नाडगीत (प्रांतगीत) बजाया गया, जिस पर सभी सदस्य खड़े रहे। इसके बाद ‘वंदे मातरम्’ की रिकॉर्डिंग शुरू हुई। राज्य सरकार के निर्देश के अनुसार रिकॉर्डिंग में दो चरण थे। कांग्रेस के कुछ पार्षद दो चरण पूरे होने पर बैठने लगे। इसी दौरान भाजपा पार्षदों ने रिकॉर्डिंग के साथ गीत के सभी छह चरण सामूहिक रूप से गाना शुरू कर दिया। कांग्रेस पार्षद भी तब तक खड़े रहे।
भाजपा पार्षदों के छह चरण पूरे करने के बाद भी रिकॉर्डिंग चलती रही। कुछ पार्षद बैठने लगे, लेकिन रिकॉर्डिंग जारी होने का पता चलते ही वे फिर खड़े हो गए। गीत समाप्त होने के बाद ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए गए।
नामित पार्षद रमेश सोंटक्की ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि गीत के गायन को लेकर पहले ही स्पष्ट निर्णय होना चाहिए था। गीत के दौरान एक ओर दो चरण बजाए गए, वहीं दूसरी ओर कुछ पार्षदों ने छह चरण गाए। गीत की रिकॉर्डिंग समाप्त होने से पहले बैठने को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाया।
भाजपा पार्षद संदीप जीरग्याल ने पलटकर पूछा कि पूरा ‘वंदे मातरम्’ गाने में आपत्ति क्या है। इस पर सोंटक्की ने कहा कि पूरा गीत गाने पर आपत्ति नहीं है, बल्कि रिकॉर्डिंग जारी रहने के दौरान बैठने पर आपत्ति है। इसके बाद दोनों पक्षों के पार्षद आमने-सामने आ गए और सदन में शोर-शराबा शुरू हो गया।
रिकॉर्डिंग की गलती पर महापौर नाराज
हंगामे को शांत कराते हुए महापौर प्रीति कामकर ने कर्मचारियों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ की रिकॉर्डिंग सही तरीके से चलाने के लिए पहले ही कई बार निर्देश दिए गए थे। कर्मचारी ने सफाई दी कि सरकार के निर्देश के अनुसार दो चरण ही बजाए गए थे, लेकिन रिकॉर्डिंग करीब तीन मिनट तक दोहराती रही।
महापौर ने रिकॉर्डिंग संचालन में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारी को अगली बैठक में नहीं रखने तथा उसका तबादला करने का निर्देश अधिकारियों को दिया।
माइक, एसी और पंखों ने भी बढ़ाई परेशानी
बैठक के दौरान निगम सभागार की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर भी पार्षद नाराज दिखे। शुरुआत से ही माइक में तकनीकी खराबी के कारण सदस्यों की आवाज स्पष्ट नहीं सुनाई दे रही थी। एसी भी ठीक से काम नहीं कर रहा था। कूलर चलाने पर माइक में शोर आने लगा, जिसके बाद उसे बंद कर पंखों का सहारा लेना पड़ा।
महापौर प्रीति कामकर और भाजपा पार्षद रवि दोत्रे ने अधिकारियों से सवाल किया कि पिछली बैठक में माइक ठीक कराने के निर्देश के बावजूद अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। पार्षदों ने बैठक से पहले सभागार के माइक, एसी, पंखे और अन्य उपकरणों की जांच सुनिश्चित करने की मांग की।
नियमविरुद्ध काम पर लोकायुक्त में शिकायत का फैसला
बैठक में कुछ अधिकारियों पर कथित तौर पर नियमों के विरुद्ध काम करने के आरोपों पर भी चर्चा हुई। महापौर प्रीति कामकर ने कहा कि ऐसे मामलों में जांच कराने, संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और आवश्यकता पडऩे पर लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराने का निर्णय लिया गया है। निगम प्रशासन में नियमों का पालन और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
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