प्रदूषण की चपेट में दरोजी झील, जैव विविधता बचाने की कवायददरोजी झील।

असंशोधित गंदा पानी रोकने की कार्ययोजना बनेगी

पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी

बल्लारी। संडूर तालुक की दरोजी झील अपनी समृद्ध जलीय जैव विविधता और विशाल आकार की मछलियों के लिए प्रसिद्ध है। यहां की दरोजी प्रजाति की बड़ी मछलियों की कोलकाता जैसे दूरदराज के शहरों में भी अच्छी मांग है। हालांकि झील में जमा गाद और आसपास के क्षेत्रों से पहुंच रहे प्रदूषित पानी के कारण इसकी पारिस्थितिकी तथा जल भंडारण क्षमता पर खतरा मंडरा रहा है।

गंदे पानी की रोकथाम पर जोर

कुडितिनी, कुरेकुप्पा और तोरणगल्लु क्षेत्रों से बिना उपचार का अपशिष्ट जल तथा ठोस कचरा झील में पहुंच रहा है। इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी के. नागेंद्र प्रसाद ने सिंचाई, वन विभाग, कर्नाटक राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, कुरेकुप्पा और तोरणगल्लु स्थानीय निकायों तथा ग्रामीण पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को प्रदूषित पानी के झील में पहुंचने के स्रोत चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि झील में पानी पहुंचने से पहले ही उसका उपचार सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार की जाए।

पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगी झील

दरोजी झील में पर्यटन की पर्याप्त संभावनाओं को देखते हुए इसे प्रदूषण मुक्त कर पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि परियोजना के लिए आवश्यक धनराशि केएमइआरसी के तहत उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। विशेषज्ञों की सलाह लेकर झील की जैव विविधता और पारिस्थितिक संतुलन को संरक्षित करने के लिए व्यापक कदम उठाए जाएंगे।

36 झीलों में जलसंचय 30 प्रतिशत से कम

बल्लारी और सिरुगुप्पा तालुकों की झीलों की स्थिति भी चिंताजनक है। लघु सिंचाई विभाग के अधीन जिले में कुल 36 झीलें हैं, जिनमें सात बल्लारी और 29 सिरुगुप्पा तालुक में हैं। इनमें अधिकांश झीलें सूखने के कगार पर हैं और जलसंचय 30 प्रतिशत से भी कम रह गया है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार जल भंडारण में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

जिले में लगे 46 वर्षामापी यंत्रों में से कई के ठीक से काम नहीं करने की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी ने उन्हें तत्काल दुरुस्त कर सक्रिय करने के निर्देश दिए।

इस बीच, जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुहम्मद हारिस सुमेर ने संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए धूमीकरण अभियान तथा समुदाय स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। ‘भारत जोड़ो’ युवा संगठन के पंजीकरण तथा जिला एवं तालुक स्तर पर ‘प्रजासेवा’ कार्यक्रम आयोजित करने के लिए भी रूपरेखा तैयार की जाएगी।

 

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By Bharat Ki Awaz

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