किसानों और ग्रामीणों की बढ़ी चिंता
कृष्णा और मलप्रभा नदियों का जल तेजी से घटा
पेयजल संकट और खेती पर मंडराया खतरा
कूडलसंगम (बागलकोट). कूडलसंगम क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से कृष्णा नदी और मलप्रभा नदी के जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे आसपास के गांवों के किसानों और ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है।
अचानक जलस्तर गिरने से बढ़ी परेशानी
हर वर्ष फरवरी से नदियों का जलस्तर कम होना शुरू होता है और अप्रेल-मई तक सूखने की स्थिति बन जाती है। लेकिन इस बार मार्च के बाद भी जलस्तर सामान्य बना हुआ था, जिससे किसानों में राहत थी। अब अचानक पानी कम होने से स्थिति गंभीर हो गई है।
पेयजल और सिंचाई पर संकट
कूडलसंगम के पास विभिन्न पेयजल योजनाएं इन नदियों पर निर्भर हैं। जलस्तर घटने से इलाकों में पानी की आपूर्ति प्रभावित होने लगी है। यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले सप्ताह में नदियों के पूरी तरह सूखने की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय किसान मंजुनाथ संगम ने कहा कि गर्मी के मौसम में उद्योगों को नदी से पानी देना बंद किया जाए, ताकि पीने और खेती के लिए पानी बच सके।
वहीं किसान संगप्पा कुरी ने मांग की कि सरकार को नविलुतीर्थ और आलमट्टी बांधों से पानी छोडऩा चाहिए, ताकि जलस्तर बना रहे।
पुनर्वास केंद्र में जल संकट
कूडलसंगम पुनर्वास केंद्र में भी पिछले एक सप्ताह से पेयजल की आपूर्ति बाधित है, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
नदी किनारे बढ़ा कचरा
जलस्तर घटने के कारण नदी किनारे बड़ी मात्रा में कचरा और छोड़े गए कपड़े दिखाई दे रहे हैं, जो पहले पानी में डूबे हुए थे। सफाई कर्मचारी नियमित सफाई कर रहे हैं, लेकिन अभी भी स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है।
तत्काल कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने सरकार से जल्द कदम उठाने की मांग की है, ताकि पेयजल संकट से राहत मिल सके और खेती को बचाया जा सके।
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