गदग को रेलवे परियोजनाओं का बड़ा तोहफागदग रेलवे स्टेशन।

नई लाइनों के सर्वे को मिली मंजूरी

गदग-मुंडरगी-हरपनहल्ली मार्ग के पुन: सर्वे को ग्रीन सिग्नल

दशकों पुरानी मांग पूरी होने की उम्मीद

गदग. केंद्र सरकार के बजट 2026-27 में गदग जिले की रेलवे परियोजनाओं को बड़ी सौगात मिली है। लंबे समय से लंबित मांगों को ध्यान में रखते हुए कई नई रेलवे लाइनों के सर्वे और विकास कार्यों के लिए बजट में प्रावधान किया गया है, जिससे जिले में रेल संपर्क का विस्तार होने की उम्मीद है।

गदग-मुंडरगी-हरपनहल्ली परियोजना को राहत
दशकों से लंबित गदग-मुंडरगी-हरपनहल्ली रेलवे मार्ग के पुन: सर्वेक्षण के लिए 9 लाख रुपए की मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के पुनर्जीवित होने से क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर है और जल्द ही इसके क्रियान्वयन की उम्मीद जताई जा रही है।

नई रेल लाइन के सर्वे को भी मंजूरी
गदग-कृष्णा (216 किमी) नई रेल लाइन के सर्वे के लिए 54 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। यह प्रस्तावित मार्ग कोटुमचगी, नरेगल, गजेंद्रगढ़, हनुमसागर, इलकल और लिंगसूर तक रेल संपर्क स्थापित करेगा। इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा।

गदग-यलवगी परियोजना को गति
गदग-यलवगी (58 किमी) रेल मार्ग के अंतिम लोकेशन सर्वे के लिए 73 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इस परियोजना को पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई द्वारा पहले ही समर्थन मिल चुका है, जिससे इसके जल्द शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है।

रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार
इसके अलावा, गदग-हुब्बल्ली, गदग-होसपेट और गदग-होटगी मार्गों पर ट्रैक नवीनीकरण और सुधार के लिए करोड़ों रुपए का प्रावधान किया गया है। साथ ही, गदग सहित प्रमुख स्टेशनों पर ‘निर्भया फंड’ के तहत आधुनिक सीसीटीवी निगरानी प्रणाली स्थापित की जाएगी।

लंबे संघर्ष का मिला परिणाम
गदग-हरपनहल्ली रेलवे संघर्ष समिति के संस्थापक बसवराज नवलगुंद ने कहा कि यह परियोजना 2014 में स्वीकृत होने के बावजूद तकनीकी कारणों से अटकी हुई थी। अब पुन: सर्वे की मंजूरी मिलना हमारे वर्षों के संघर्ष का परिणाम है। इस बार वैज्ञानिक तरीके से सर्वे होना चाहिए।

 

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By Bharat Ki Awaz

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