आंबेडकर ने देश को समानता और न्याय की मजबूत नींव दीधारवाड़ के कर्नाटक विद्यावर्धक संघ के डॉ. पाटील पुट्टप्पा सभागार में आयोजित डॉ. बीआर. आंबेडकर की 135वीं जयंती कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रम एवं जिला प्रभारी मंत्री संतोष एस. लाड।

मंत्री संतोष लाड ने दिया संविधान के मूल्यों को अपनाने का आह्वान

हुब्बल्ली. संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. बीआर. आंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर धारवाड़ में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कर्नाटक विद्यावर्धक संघ के डॉ. पाटील पुट्टप्पा सभागार में आयोजित इस समारोह का उद्घाटन श्रम एवं जिला प्रभारी मंत्री संतोष एस. लाड ने किया।

संविधान से मिली समानता की राह

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री संतोष लाड ने कहा कि डॉ. आंबेडकर ने कठिन परिस्थितियों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर विभिन्न देशों के संविधान का अध्ययन किया और भारत को एक सशक्त संविधान दिया। करीब 2 वर्ष 11 माह 18 दिन की लंबी प्रक्रिया के बाद तैयार यह संविधान देश में समानता और न्याय की मजबूत नींव है।

उन्होंने कहा कि आंबेडकर ने सामाजिक भेदभाव और अस्पृश्यता के खिलाफ संघर्ष करते हुए सभी वर्गों को समान अधिकार दिलाने का कार्य किया। संविधान किसी एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के नागरिकों के हित में बनाया गया है।

महिलाओं के अधिकारों में ऐतिहासिक योगदान

मंत्री लाड ने आंबेडकर के महिलाओं के अधिकारों में योगदान को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को संपत्ति का अधिकार, पुनर्विवाह और समान अवसर दिलाने में आंबेडकर की भूमिका ऐतिहासिक रही है।

युवाओं को जिम्मेदारी निभाने का संदेश

जिलाधिकारी स्नेहल आर. ने युवाओं से संविधान के मूल्यों को समझने और उन्हें जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केवल अधिकारों की मांग पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनसे जुड़ी जिम्मेदारियों को भी समझना जरूरी है।

संविधान की ताकत पर जोर

पुलिस आयुक्त एन. शशिकुमार ने कहा कि स्वतंत्रता के समय कई वैश्विक नेताओं को संदेह था कि भारत लंबे समय तक एकजुट नहीं रह पाएगा, लेकिन आज देश की एकता का श्रेय आंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान को जाता है।

श्रद्धांजलि और सम्मान समारोह

इस अवसर पर डॉ. बीआर. आंबेडकर एवं बसवेश्वर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभाशाली व्यक्तियों तथा एसएसएलसी और पीयूसी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

समाज में समरसता का संदेश

वक्ताओं ने कहा कि आंबेडकर के विचार केवल एक समुदाय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे समाज के लिए मार्गदर्शक हैं। संविधान के मूल्यों को व्यवहार में अपनाकर ही उनके सपनों का भारत साकार किया जा सकता है।

 

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By Bharat Ki Awaz

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