तुंगभद्रा की नहरों में तुरंत पानी छोड़ने की मांगदरूर पुरुषोत्तमगौड़ा।

सिंचाई सलाहकार समिति की बैठक बुलाने पर जोर

जलाशय में 45 टीएमसी पानी, 50 हजार क्यूसेक से अधिक आवक

किसान बोले- धान की रोपाई बचाने के लिए जल्द हो फैसला

बल्लारी। तुंगभद्रा जलाशय के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से जलाशय में 50 हजार क्यूसेक से अधिक पानी की आवक हो रही है। वर्तमान में जलाशय में 45 टीएमसी पानी का भंडारण होने के बाद तुंगभद्रा किसान संघ ने राज्य सरकार से तत्काल तुंगभद्रा सिंचाई सलाहकार समिति की बैठक बुलाकर बाईं और दाईं मुख्य नहरों में पानी छोडऩे का निर्णय लेने की मांग की है।

संघ के अध्यक्ष दरूर पुरुषोत्तमगौड़ा ने बल्लारी में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पिछले वर्ष 10 जुलाई से नहरों में पानी छोड़ा गया था, लेकिन इस वर्ष वर्षा की कमी के कारण खरीफ बुवाई लगभग एक माह विलंब से हुई है।

उन्होंने कहा कि तुंगा जलाशय से छोड़े जा रहे पानी को देखते हुए तुंगभद्रा जलाशय में जल्द ही 70 टीएमसी तक जल भंडारण होने की संभावना है। तुंगभद्रा सिंचाई परियोजना क्षेत्र में एक फसल के लिए 70 टीएमसी पानी पर्याप्त होता है। इसलिए सरकार को बिना देरी किए सिंचाई सलाहकार समिति की बैठक बुलाकर नहरों में पानी छोडऩे का निर्णय लेना चाहिए।

नदी में भी एक टीएमसी पानी छोडऩे की मांग

दरूर पुरुषोत्तमगौड़ा ने कहा कि जलाशय के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में नदी किनारे पंपसेटों के माध्यम से 5,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में धान की रोपाई की जा चुकी है। नदी में पर्याप्त पानी नहीं होने से धान की पौध सूखने लगी है। ऐसे में किसानों की फसल बचाने के लिए नदी में भी तत्काल एक टीएमसी पानी छोडऩा चाहिए।

उन्होंने जिले के सांसदों और विधायकों से भी अपील की कि वे राज्य सरकार पर शीघ्र सिंचाई सलाहकार समिति की बैठक बुलाने और किसानों के हित में तत्काल निर्णय लेने के लिए दबाव बनाएं।

 

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By Bharat Ki Awaz

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