सुपारी पत्ती की प्लेटों पर अमरीकी प्रतिबंध की पुनर्समीक्षा की मांगसुपारी पत्ती की प्लेट।

अध्ययन में एफडीए के दावे से हजार गुना कम रासायनिक स्तर मिलने का दावा

मेंगलूरु। सुपारी की पत्ती से बनी प्लेटों में अधिक मात्रा में रासायनिक तत्व होने के अमरीकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के दावे के बाद लगाए गए प्रतिबंध की पुनर्समीक्षा की मांग की गई है। अग्रिलिफ संस्था ने 16 महीने तक किए गए वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर एफडीए को अपनी रिपोर्ट सौंपने की तैयारी की है।

संस्था के संस्थापक अविनाश राव ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि एफडीए ने 2025 में सुपारी पत्ती के उत्पादों से एरेकोलिन, एरेकेडिन, ग्वाकोलीन और ग्वासिन जैसे रसायनों के खाद्य पदार्थों में स्थानांतरित होने की आशंका जताते हुए इन्हें ‘इम्पोर्ट अलर्ट 23-15’ के दायरे में रखा था। इससे देश में सुपारी पत्ती की प्लेट बनाने वाली करीब 5,000 से 7,000 लघु एवं सूक्ष्म इकाइयों में अनिश्चितता पैदा हुई।

राव के अनुसार, अध्ययन में जांचे गए नमूनों में हानिकारक अल्कलॉयड का स्तर एफडीए द्वारा बताए गए स्तर से करीब एक हजार गुना कम पाया गया।

अध्ययन मैसूरु विश्वविद्यालय के जैव रसायन विभाग के पूर्व प्रमुख डॉ. गोपाल मराठे के मार्गदर्शन में भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी), मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन (माहे) लाइफ साइंसेज सहित अन्य संस्थानों के सहयोग से किया गया।

उन्होंने कहा कि आगे प्रत्येक उत्पादन बैच की मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं से जांच, प्रमाणित परीक्षण पद्धति और स्पष्ट मानकों के निर्धारण के साथ अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा।

 

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By Bharat Ki Awaz

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