आपदा मित्रों को अब तक नहीं मिले सुरक्षा किटसांदर्भिक फोटो।

तीन साल पहले प्रशिक्षण पाने वाले स्वयंसेवक मानसून से पहले उपकरण मिलने की उम्मीद में

मेंगलूरु. प्राकृतिक आपदाओं और आपातकालीन बचाव कार्यों में प्रशासन की मदद के उद्देश्य से प्रशिक्षित किए गए ‘आपदा मित्र’ स्वयंसेवक अब तक सुरक्षा किट से वंचित हैं। तीन वर्ष पहले प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले ये युवा इस बार मानसून से पहले आवश्यक उपकरण मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

दक्षिण कन्नड़ जिला प्रशासन ने वर्ष 2023 में जंगल में आग, बाढ़, सडक़ हादसे और अन्य आपदा स्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 15 दिवसीय ‘आपदा मित्र’ प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया था। प्रशिक्षण के बाद स्वयंसेवकों को प्रमाणपत्र और पहचान पत्र दिए गए थे। आपात स्थिति में ये स्वयंसेवक तुरंत घटनास्थल पहुंचकर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अग्निशमन दल की सहायता करते हैं।

जिले में 300 लोगों को मिला प्रशिक्षण

एक जिला स्तरीय अधिकारी के अनुसार राज्यभर में करीब 3,500 लोगों को ‘आपदा मित्र’ प्रशिक्षण दिया गया था, जिनमें दक्षिण कन्नड़ जिले के लगभग 300 लोग शामिल थे। इनमें कई विद्यार्थी भी थे। कुछ लोग नौकरी और उच्च शिक्षा के लिए दूसरे जिलों में चले गए, जबकि कुछ को इस अनुभव के आधार पर अन्य स्थानों पर रोजगार मिल गया। फिलहाल करीब 70 प्रतिशत प्रशिक्षित स्वयंसेवक ही जिले में सक्रिय रूप से उपलब्ध हैं।

दूसरे राज्यों में किट मिले, यहां अब तक इंतजार

धर्मस्थल शौर्य टीम के सदस्य अविनाश भिडे ने कहा कि वे सडक़ पर गिरे पेड़ों को हटाने, बाढग़्रस्त क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकालने और जंगल में लापता लोगों की तलाश जैसे कई बचाव अभियानों में हिस्सा ले चुके हैं।

उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में ‘आपदा मित्र’ स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण के साथ ही लाइफ जैकेट, विशेष टॉर्च और अन्य सुरक्षा उपकरणों से युक्त किट प्रदान किए गए हैं, लेकिन दक्षिण कन्नड़ में तीन साल बीतने के बाद भी किट नहीं मिले।

बिना मानदेय कर रहे सेवा

एक अन्य स्वयंसेवक ने बताया कि दुर्घटना या प्राकृतिक आपदा की स्थिति में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ या अग्निशमन दल के पहुंचने से पहले स्थानीय स्वयंसेवकों को ही प्राथमिक बचाव कार्य संभालना पड़ता है। इसके बावजूद उनके पास कोई सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं हैं और वे बिना किसी मानदेय के सेवा दे रहे हैं।

सरकार बनाएगी ‘युवा आपदा मित्र’ दल

अग्निशमन विभाग के अधिकारी एवं जिला नोडल अधिकारी नवाज ने कहा कि तकनीकी कारणों से किट वितरण में देरी हुई है। सरकार ने इसके लिए अनुदान मंजूर किया है और अनुमति मिलते ही किट वितरित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि सरकार अब ‘युवा आपदा मित्र’ दल बनाने की दिशा में भी काम कर रही है। इसके तहत युवाओं को प्राथमिकता देकर गृह रक्षक दल, अग्निशमन विभाग और जिला प्रशासन की ओर से प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण संबंधी दिशा-निर्देश जारी होते ही नई प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

 

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By Bharat Ki Awaz

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