उडुपी में 84,650 पौधों का वितरणबागवानी विभाग की ओर से तैयार पौधे।

मानसून से पहले बागवानी विभाग तैयार

किसानों को प्रोत्साहन और हरित क्षेत्र विस्तार पर जोर

वैज्ञानिक खेती अपनाने की सलाह

उडुपी. करावली क्षेत्र के किसानों को प्रोत्साहित करने और जिले में हरित आवरण बढ़ाने के उद्देश्य से जिला बागवानी विभाग ने इस वर्ष मानसून सीजन के लिए व्यापक तैयारी की है। विभाग द्वारा जिले के पांच प्रमुख नर्सरी केंद्रों में कुल 84,650 विभिन्न प्रजातियों के पौधों का वितरण किया जाएगा।

हर साल की तरह इस बार भी जून महीने में ये पौधे किसानों के लिए उपलब्ध होंगे। वर्तमान में सभी नर्सरी केंद्रों में पौधे रोपण के लिए तैयार हैं और किसान अपनी भूमि की प्रकृति के अनुसार उपयुक्त पौधों का चयन कर सकते हैं।

इन केंद्रों पर उपलब्ध रहेंगे पौधे

वारंबल्ली, कुंभाशी, केदूर, रामसमुद्र और कुक्कुंदूर स्थित नर्सरियों में नारियल, सुपारी, काली मिर्च, ग्राफ्टेड काली मिर्च, मोगरा, चीकू, ग्राफ्टेड कटहल, कोको और आम जैसी विभिन्न फसलों के पौधे वैज्ञानिक तरीके से तैयार किए गए हैं।

पिछले वर्ष छह केंद्रों में पौध तैयार किए गए थे, लेकिन इस बार शिवल्ली केंद्र के पौधे संजीविनी समूहों को देने के कारण विभाग के वितरण में शामिल नहीं होंगे।

अधिकारियों के अनुसार, मानसून की शुरुआत में पौधरोपण करने से पौधों की जड़ें जल्दी मजबूत होती हैं। विभाग किसानों को पौधरोपण, देखभाल और पोषण प्रबंधन से संबंधित आवश्यक मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराएगा।

किसानों से अपील की गई है कि वे अधिक जानकारी के लिए अपने नजदीकी बागवानी कार्यालय से संपर्क करें और अपनी भूमि की उर्वरता के अनुसार उपयुक्त फसलों का चयन करें।

वैज्ञानिक खेती अपनाने पर जोर

केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि मिट्टी की गुणवत्ता और स्थानीय जलवायु के अनुसार उपयुक्त प्रजाति का चयन करना भी जरूरी है। यदि किसान ड्रिप सिंचाई और वैज्ञानिक खेती पद्धति अपनाते हैं, तो कम लागत में अधिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
क्षमा पाटिल, संयुक्त निदेशक, बागवानी विभाग, उडुपी

 

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By Bharat Ki Awaz

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