23 सितंबर तक नाम जोडऩे और आपत्ति दर्ज कराने का मौका
फॉर्म-6 भरने की अपील
कलबुर्गी। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिले के नौ विधानसभा क्षेत्रों की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी गई है। सूची में कुल 18.49 लाख मतदाता दर्ज हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी इक्रम शरीफ ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जिन पात्र मतदाताओं के नाम सूची में छूट गए हैं, वे 23 सितंबर तक दावा और आपत्ति दाखिल कर सकते हैं।
नाम जोडऩे के लिए फॉर्म-6 और मतदाता सूची में संशोधन के लिए फॉर्म-8 के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। उन्होंने पात्र नागरिकों से इस अवसर का लाभ उठाने और मतदाता सूची के पुनरीक्षण में सहयोग करने की अपील की।
14,125 युवा मतदाता जुड़े
जिले में 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 14,125 युवा मतदाता ड्राफ्ट सूची में शामिल किए गए हैं। इनमें 8,325 पुरुष और 5,800 महिलाएं हैं। वहीं 24,817 मतदाताओं को दिव्यांग (पीडब्ल्यूडी) के रूप में चिह्नित किया गया है। इनमें 14,370 पुरुष और 10,445 महिलाएं हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनसंख्या के आधार पर जिले का इपी अनुपात 56.14 प्रतिशत है, जो एसआइआर से पहले करीब 70 प्रतिशत था। ड्राफ्ट सूची के अनुसार जिले में प्रति 1,000 पुरुषों पर 967 महिलाएं हैं।
कलबुर्गी उत्तर में 2.30 लाख मतदाता
कलबुर्गी उत्तर विधानसभा क्षेत्र की ड्राफ्ट सूची में 2,29,997 मतदाता हैं। इनमें 1,14,271 पुरुष, 1,15,685 महिलाएं और 41 अन्य मतदाता शामिल हैं।
एसआइआर से पहले क्षेत्र में 3,35,254 मतदाता थे। इनमें 8,048 मृत, 17,833 अनुपस्थित, 64,866 स्थायी रूप से स्थानांतरित, 5,179 पहले से पंजीकृत तथा 9,331 अन्य श्रेणियों में पाए गए। इस तरह कुल 1,05,257 नाम सूची से बाहर हुए हैं।
ड्राफ्ट सूची में 9,597 विसंगतियां और 16,261 नो-मैपिंग मामले सामने आए हैं। ऐसे मतदाताओं को नोटिस देकर सुनवाई की जाएगी। नगर आयुक्त अविनाश शिंदे ने बताया कि लोगों की सुविधा के लिए मतदान केंद्र क्षेत्र में ही सुनवाई कराने के लिए अतिरिक्त 14 एइआरओ नियुक्त करने की सिफारिश की गई है।

दक्षिण में 1.96 लाख मतदाता
कलबुर्गी दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में कुल 1,96,522 मतदाता हैं। इनमें 96,481 पुरुष, 1,00,008 महिलाएं और 33 अन्य मतदाता शामिल हैं। क्षेत्र में 1,312 युवा तथा 1,702 दिव्यांग मतदाता हैं। यहां लिंगानुपात 1,037 है।
ड्राफ्ट सूची में 12,648 विसंगतियां और 18,429 नो-मैपिंग मामले सामने आए हैं। करीब 31 हजार मतदाताओं को नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। सुनवाई तेजी से पूरी करने के लिए 16 अतिरिक्त एइआरओ नियुक्त किए गए हैं। सुविधा के लिए मतदान केंद्र स्तर पर 5-6 केंद्रों को मिलाकर सुनवाई की व्यवस्था करने की योजना है।
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