अतिथि शिक्षक पर फर्जी रिकॉर्ड का आरोप
हुणसगी में डबल ड्यूटी का मामला
जुलाई की हाजिरी में दोनों स्कूलों में नाम
जांच के लिए टीम गठित
यादगीर। जिले के हुणसगी तालुक में एक अतिथि शिक्षक द्वारा एक ही अवधि में दो सरकारी स्कूलों में कार्यरत होने के रिकॉर्ड के आधार पर दोनों जगह से वेतन लेने का मामला सामने आया है। दस्तावेजों के अनुसार, बाचिमट्टी और वज्जल सरकारी हाईस्कूल में एक ही समय में ड्यूटी दर्शाकर एक ही बैंक खाते में वेतन जमा किया गया।
मामला श्रीनिवासपुर के अतिथि शिक्षक रमेश राठौड़ से जुड़ा है। वर्ष 2025-26 में उनके नाम बाचिमट्टी सरकारी हाईस्कूल के साथ वज्जल सरकारी हाईस्कूल में भी अतिथि शिक्षक के रूप में दर्ज हैं। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार, दोनों स्कूलों से अलग-अलग के-2 बिल के जरिए उनके कक्केरा स्थित एसबीआइ खाते में वेतन जमा हुआ।
दोनों स्कूलों की हाजिरी में नाम
जुलाई 2025 की हाजिरी रजिस्टर में भी रमेश राठौड़ का नाम दोनों स्कूलों में दर्ज होने की बात सामने आई है। दोनों स्कूलों के बीच करीब 12 किलोमीटर की दूरी बताई गई है। ऐसे में एक ही समय में दोनों स्थानों पर उपस्थित होकर अध्यापन करने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
नियमों के अनुसार अतिथि शिक्षक को निर्धारित स्कूल में पूर्णकालिक सेवा देनी होती है। ऐसे में दोनों स्कूलों में एक साथ उपस्थिति दर्ज होने और दोनों जगह से भुगतान होने के मामले में संबंधित रिकॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठे हैं।
मुख्य शिक्षकों के अलग-अलग दावे
बाचिमट्टी सरकारी हाईस्कूल के मुख्य शिक्षक नानगौड़ा बिरादार के अनुसार, रमेश राठौड़ पिछले तीन वर्षों से स्कूल में अतिथि शिक्षक के रूप में कार्यरत थे। स्वास्थ्य संबंधी कारणों से वह कई बार अनुपस्थित रहते थे।
वहीं, वज्जल सरकारी हाईस्कूल के मुख्य शिक्षक गुरुबासप्पा अप्पगोल ने बताया कि हिंदी शिक्षक की कमी के कारण राठौड़ को नियुक्त किया गया था। उनके अनुसार, बाद में राठौड़ के दूसरे स्कूल में भी कार्यरत होने की जानकारी मिलने पर उन्हें सेवा से मुक्त किया गया। इसके बाद दोबारा स्कूल में शामिल होने पर उनसे शपथ-पत्र लिया गया।
अधिकारियों ने जांच के दिए आदेश
यादगीर के डीडीपीआइ चन्नबसप्पा मुधोल ने कहा कि एचआरएमएस सॉफ्टवेयर में एक व्यक्ति का नाम एक साथ दो जगह दिखाई देना संभव नहीं है और मामला स्थानीय स्तर की लापरवाही से जुड़ा हो सकता है। मामले की जांच के लिए टीम गठित की गई है।
सुरपुर के बीइओ निंगराज मूलिमनी ने कहा कि रमेश राठौड़ का मामला संज्ञान में आया है। के-2 बिल, हाजिरी और अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद संबंधित शिक्षक तथा सहयोग करने वाले मुख्य शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी।
शिक्षक ने आरोप से किया इनकार
रमेश राठौड़ ने कहा कि उन्होंने किसी प्रकार की चोरी नहीं की है। उनके अनुसार, दूसरे स्कूल के मुख्य शिक्षक के बुलाने पर वे वहां हिंदी पढ़ाने गए थे, जबकि पिछले तीन वर्षों से वे बाचिमट्टी सरकारी स्कूल में ही सेवा दे रहे हैं।
मामले में अब दोनों स्कूलों की हाजिरी, के-2 बिल, नियुक्ति रिकॉर्ड और भुगतान संबंधी दस्तावेजों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दोहरा भुगतान किन परिस्थितियों में हुआ और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
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