स्कूल-कॉलेजों के 1200 विद्यार्थी शामिल
जिलाधिकारी ने किया कार्यशाला का शुभारंभ
मूर्ति घर ले जाकर की पूजा
पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
बल्लारी. शहर के बेलगल क्रॉस स्थित प्रकृति भवन में वन विभाग की ओर से बुधवार को पर्यावरण अनुकूल मिट्टी से वृक्ष गणेश प्रतिमा निर्माण की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया था।
इस कार्यशाला में शामिल विद्यार्थियों और आम लोगों को हंपी कन्नड़ विश्वविद्यालय के दृश्यकला विभाग के छह विशेषज्ञों ने एक से डेढ़ घंटे में गणेश प्रतिमा बनाने की आसान विधि स्वयं करवाकर सिखाई।
मूर्तियों में कोई रंग का उपयोग नहीं किया गया, केवल सजावट के लिए बीजों का प्रयोग किया गया। प्रतिमा निर्माण के दौरान पीछे पेरल, सहजन (ड्रमस्टिक), सीताफल जैसे बीज डाले गए, ताकि विसर्जन के समय मिट्टी के साथ मिलकर पौधे के रूप में अंकुरित हो सकें। विभाग की ओर से मूर्ति बनाने के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई थी।
कार्यशाला में भाग लेने वाले बच्चों ने कहा कि अब तक हम प्लास्टर ऑफ पेरिस की गणेश प्रतिमा स्थापित करते थे, परन्तु इस कार्यशाला में हमने पहली बार मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाना सीखा। अब से हम हमेशा पर्यावरण अनुकूल गणेश ही स्थापित करेंगे।
छात्रों ने कहा कि इस कार्यशाला से हमें बहुत लाभ हुआ है। हर मिट्टी की गणेश प्रतिमा एक दिन वृक्ष बनकर पर्यावरण को सहारा देगी। इस वर्ष हम घर पर केवल यही प्रतिमा पूजा के लिए स्थापित करेंगे।
कार्यशाला का शुभारंभ कर जिलाधिकारी प्रशांत कुमार मिश्र नेे कहा कि बच्चों के माध्यम से घर-घर में पर्यावरण अनुकूल गणेश स्थापना को प्रोत्साहन देना वन विभाग का सराहनीय प्रयास है।
वन विभाग के जिला उपसंरक्षण अधिकारी डॉ. बसवराज के.एस. ने कहा कि प्रकृति को संस्कृति से जोडऩे और वर्ष दर वर्ष पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली पीओपी गणेश प्रतिमाओं के स्थान पर पर्यावरण अनुकूल मिट्टी गणेश प्रतिमाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह कार्यशाला आयोजित की गई है। इसमें एक हजार से अधिक बच्चे, विभिन्न संगठन और आमजन समेत लगभग 1500 लोगों ने भाग लिया है।
विद्यार्थियों की ओर से बनाई गई गणेश प्रतिमाएं जब पूजा के लिए घर ले जाई जा रही थीं, तो वह दृश्य विशेष रूप से आकर्षक रहा। छोटे-छोटे बच्चे “जय गणेश” कहते हुए खुशी जाहिर कर रहे थे।
एसपी डॉ. शोभाराणी, आरएफओ गिरीश सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।

