हावेरी के एच. आरेकॉप्पा गांव में अनोखा विरोध; घुटनों तक कीचड़ में चलकर स्कूल पहुंचने को मजबूर बच्चे
हावेरी। देशभर में 80वें स्वतंत्रता दिवस का उत्साह मनाया जा रहा था, वहीं हावेरी जिले के एक गांव में स्कूली बच्चों को बुनियादी सुविधा के लिए स्वतंत्रता दिवस पर ही सडक़ पर उतरकर विरोध करना पड़ा। हानगल तालुक के एच. आरेकोप्पा गांव में प्राथमिक विद्यालय और आंगनवाड़ी को जोडऩे वाली सडक़ बारिश के कारण पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो गई है।
15 अगस्त को बच्चे साफ-सुथरा गणवेश पहनकर ध्वजारोहण समारोह में शामिल होने के लिए स्कूल और आंगनवाड़ी जा रहे थे। लेकिन रास्ते में घुटनों तक कीचड़ जमा होने के कारण उनका आगे बढऩा मुश्किल हो गया। इससे नाराज बच्चों ने हाथों में धान के पौधे लेकर उसी कीचड़ भरी सडक़ पर धान रोपकर अनोखे तरीके से विरोध जताया। बच्चों ने सवाल उठाया कि आजादी के 80 वर्ष बाद भी उनके गांव की यही बदहाल स्थिति क्यों है?
ग्रामीणों के अनुसार, आंगनवाड़ी के छोटे बच्चों और प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थियों को प्रतिदिन इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है। कीचड़ के कारण बच्चे अक्सर फिसलकर गिरते हैं और चोटिल हो जाते हैं। स्कूल पहुंचने से पहले ही उनकी यूनिफार्म और किताबों के बैग कीचड़ से खराब हो जाते हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सडक़ की बदहाली के कारण स्थानीय जनप्रतिनिधि भी स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहुंचने से कतराते रहे। कई बार शिकायत और अनुरोध के बावजूद सडक़ की समस्या का समाधान नहीं किया गया।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि सडक़ को जल्द डामरीकृत या सीमेंट-कंक्रीट का नहीं बनाया गया तो तालुक कार्यालय में ताला लगाकर आंदोलन किया जाएगा।
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