ब्रिटिश हाई कमीशन की साझेदारी से नवाचार को मिलेगा बढ़ावा
स्वास्थ्य क्षेत्र में वैश्विक सहयोग पर जोर
मणिपाल (उडुपी)। मणिपाल उच्च शिक्षा अकादमी (माहे) में ब्रिटिश हाई कमीशन के सहयोग से बुधवार को चौथे यूके-इंडिया हेल्थ टेक एक्सिलरेटर कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. टी.एम.ए. पाई सभागार में हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य भारत और ब्रिटेन के बीच स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करना है।
माहे के सह-कुलाधिपति डॉ. एच.एस. बल्लाल ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रभावी नवाचार के लिए देशों की सीमाओं से परे साझेदारी आवश्यक है। स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए शिक्षण संस्थानों, उद्योग जगत और सरकार के बीच समन्वय बेहद महत्वपूर्ण है और माहे इस दिशा में लगातार अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
कर्नाटक के ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर चंद्रु अय्यर ने कहा कि भारतीय उद्यमियों को ब्रिटेन की स्वास्थ्य प्रणाली से जोडक़र ऐसी नई स्वास्थ्य तकनीकों के विकास को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जो मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में सहायक हों।
कार्यक्रम में माहे के कुलपति डॉ. शरथ के. राव, नई दिल्ली स्थित ब्रिटिश हाई कमीशन की वरिष्ठ सलाहकार डॉ. नेहा शर्मा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रभाग की क्षेत्रीय निदेशक सोफिया नेस्टियस तथा भुवनेश्वर सिटी नॉलेज इनोवेशन क्लस्टर फाउंडेशन (बीसीकेआइसी) के अध्यक्ष डॉ. मृत्युजय सुवार ने भी स्वास्थ्य तकनीक में वैश्विक सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देने पर विचार व्यक्त किया।
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