एक डॉक्टर के भरोसे चार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रएक डॉक्टर के भरोसे चार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र

तीन तालुकों में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई, सप्ताह में सिर्फ 1-2 दिन पहुंचते हैं प्रभारी डॉक्टर

बागलकोट। जिले के तीन तालुकों के चार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) इन दिनों एक ही डॉक्टर के भरोसे चल रहे हैं। डॉक्टर को एक केंद्र में नियमित चिकित्सा अधिकारी का दायित्व दिया गया है, जबकि अन्य तीन केंद्रों का प्रशासनिक एवं चिकित्सा प्रभारी भी बनाया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर परेशानी बढ़ रही है।

गुलेदगुड्डा तालुक के तोगुणसी पीएचसी में डॉ. लक्ष्मण सनेली चिकित्सा अधिकारी हैं। इसके साथ ही उन्हें बादामी तालुक के पट्टदकल, बीलगी तालुक के गिरिसागर और गलगली पीएचसी का प्रशासनिक चिकित्सा अधिकारी भी बनाया गया है।

तोगुणसी से पट्टदकल की दूरी करीब 25 किमी, गिरिसागर की 54 किमी और गलगली की दूरी 72 किमी है। प्रत्येक पीएचसी के कार्यक्षेत्र में करीब 25 से 30 हजार की आबादी है। ऐसे में एक डॉक्टर के लिए चार केंद्रों की जिम्मेदारी संभालना मुश्किल साबित हो रहा है।

किस दिन कहां ड्यूटी

डॉ. सनेली के अनुसार, वे सोमवार को तोगुणसी, मंगलवार और शनिवार को गलगली, बुधवार और शुक्रवार को गिरिसागर तथा गुरुवार को तोगुणसी और पट्टदकल पीएचसी में सेवाएं देते हैं। यानी प्रत्येक केंद्र पर सप्ताह में सीमित दिनों के लिए ही डॉक्टर उपलब्ध हो पाते हैं।

डॉक्टर की अनुपस्थिति में तोगुणसी पीएचसी में आसपास के स्वास्थ्य उपकेंद्रों के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) मरीजों की जांच करते हैं। ये कर्मचारी बीएससी नर्सिंग शिक्षित हैं और प्राथमिक स्तर पर मरीजों की जांच के साथ दवाइयां भी देते हैं। अन्य पीएचसी में अनुबंध के आधार पर बीएएमएस और एमबीबीएस डॉक्टर सेवाएं दे रहे हैं।

ग्रामीणों ने की पूर्णकालिक डॉक्टर की मांग

तोगुणसी सरकारी पीएचसी में आसपास के कई गांवों से मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ग्रामीण अडिवेप्पा चिन्नन्नवर और हनुमंत मूलिमनी ने कहा कि डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को परेशानी हो रही है। सरकार को तत्काल यहां पूर्णकालिक चिकित्सा अधिकारी नियुक्त करना चाहिए।

48 पीएचसी, सिर्फ 16 स्थायी डॉक्टर

जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. राजकुमार यरगल ने बताया कि बागलकोट जिले में कुल 48 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं, जबकि केवल 16 स्थायी डॉक्टर कार्यरत हैं। इन डॉक्टरों को ही अन्य पीएचसी का प्रभार देना पड़ रहा है। इसी कारण प्रत्येक स्थायी डॉक्टर को औसतन चार पीएचसी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

एक डॉक्टर के भरोसे चार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रडॉ. लक्ष्मण सनेली ने कहा कि वे प्रत्येक पीएचसी में सप्ताह में एक-दो दिन जाकर काम कर रहे हैं, लेकिन चार केंद्रों की जिम्मेदारी एक साथ संभालना काफी कठिन हो रहा है।

 

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By Bharat Ki Awaz

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