तटीय पर्यटन को बढ़ावा देने की तैयारी
धार्मिक स्थलों और समुद्री सौंदर्य का हवाई सफर होगा आसान
मेंगलूरु. कर्नाटक सरकार ने तटीय पर्यटन को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से मेंगलूरु में हेली टूरिज्म शुरू करने का निर्णय लिया है। लंबे समय से लंबित इस योजना को हाल ही में बेंगलूरु में आयोजित तटीय पर्यटन समीक्षा बैठक में नया बल मिला, जहां पर्यटन एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष इसकी आवश्यकता रखी।
पुराना प्रस्ताव फिर हुआ सक्रिय
करीब चार-पांच वर्ष पहले भी मेंगलूरु में हेली टूरिज्म शुरू करने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। उस समय कदरी पार्क के समीप स्केटिंग रिंक के पास हेलिपैड विकसित करने के लिए स्थल निरीक्षण और तकनीकी सर्वेक्षण हुआ था। हालांकि आकाशवाणी केंद्र और उच्च वोल्टेज बिजली लाइनों की मौजूदगी के कारण उस स्थान को अनुपयुक्त मानते हुए योजना स्थगित कर दी गई थी। बाद में मेरीहिल स्थित हेलिपैड के विकास पर विचार किया गया। अब जिला प्रशासन नए उपयुक्त स्थान की तलाश कर रहा है।
तटीय पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
करावली उत्सव के दौरान प्रशासन ने हेली राइड का सफल परीक्षण किया था। इस सेवा के माध्यम से सुल्तान बत्तेरी से हेलिकॉप्टर द्वारा मेंगलूरु शहर और समुद्री तटों का विहंगम दृश्य देखने का अवसर पर्यटकों को मिला था। सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद अब इसे स्थायी हेली टूरिज्म परियोजना के रूप में विकसित करने की तैयारी की जा रही है।
हेली टूरिज्म शुरू होने से दक्षिण कन्नड़, उडुपी, उत्तर कन्नड़, केरल और मलेनाडु क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक तेज और सुविधाजनक पहुंच संभव होगी। पर्यटक समुद्र तटों, पहाडिय़ों, झरनों, जंगलों और शहरों का हवाई दृश्य भी देख सकेंगे। इसके अलावा आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को त्वरित चिकित्सा के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में भी यह सेवा उपयोगी साबित हो सकती है। इससे तटीय क्षेत्र के पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।
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