तुंगभद्रा से कम पानी छोड़े जाने पर टेलएंड किसान चिंतिततुंगभद्रा से कम पानी छोड़े जाने पर टेलएंड किसान चिंतित

होसपेट (विजयनगर)। तुंगभद्रा जलाशय से पानी छोड़े जाने के बावजूद आंध्र प्रदेश के हिस्से के पानी को लेकर बनी स्थिति के कारण नहरों के अंतिम छोर यानी टेलएंड की जमीनों तक पानी पहुंचने पर संशय बना हुआ है। इससे कर्नाटक के सीमावर्ती क्षेत्र के किसान चिंतित हैं और खरीफ फसलों को बचाने की चिंता में दिन गुजार रहे हैं।

11 अगस्त को हुई सिंचाई सलाहकार समिति की बैठक के निर्णय के अनुसार जलाशय की दाहिनी तट की निचली स्तर की नहर (एलएलसी) और ऊपरी स्तर की नहर (एचएलसी) में पानी छोड़ा जा रहा है। किसानों के अनुसार, 73 वर्षों के तुंगभद्रा कमांड क्षेत्र के इतिहास में यह पहली बार है जब दोनों राज्यों के हिस्से का पानी संयुक्त रूप से नहीं छोड़ा जा रहा है। आमतौर पर दोनों राज्यों के हिस्से का पानी एक साथ छोड़े जाने से नहर में पानी का दबाव बढ़ता है और वह अंतिम छोर तक आसानी से पहुंचता है।

आंध्र प्रदेश ने नहीं दिया इंडेंट

फिलहाल जलाशय से कर्नाटक के हिस्से में एचएलसी में 1,200 क्यूसेक और एलएलसी में केवल 650 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। किसानों का कहना है कि एलएलसी में कम से कम 1,500 क्यूसेक पानी छोड़े जाने पर ही कर्नाटक क्षेत्र के 155वें किलोमीटर और आंध्र प्रदेश की सीमा तक स्थित खेतों में पानी पहुंच सकेगा।

आंध्र प्रदेश ने कृषि उपयोग के लिए अभी तक आधिकारिक इंडेंट यानी पानी की मांग प्रस्तुत नहीं की है और फिलहाल केवल पेयजल के लिए पानी ले रहा है। एचएलसी में आंध्र प्रदेश के 1,500 क्यूसेक सहित कुल 2,700 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, लेकिन एलएलसी में पानी की मात्रा काफी कम है।

किसानों ने की तत्काल हस्तक्षेप की मांग

किसानों ने बताया कि इस वर्ष खरीफ की बुवाई पहले ही करीब एक महीने देर से हुई है। नहर में पानी का प्रवाह कम होने से फसलों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। पहले दोनों राज्यों के हिस्से का पानी एक साथ छोड़े जाने से ऐसी समस्या नहीं होती थी।

किसानों ने राज्य के जनप्रतिनिधियों और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप करने तथा आंध्र प्रदेश सरकार से बातचीत कर नहरों में पर्याप्त मात्रा में पानी छोडऩे की व्यवस्था करने की मांग की है।

नारायण नायक, अधीक्षण अभियंता, टीबी बोर्ड, होसपेट

आंध्र प्रदेश की ओर से अभी तक कृषि के लिए आधिकारिक इंडेंट नहीं मिला है और वहां फिलहाल केवल पेयजल के लिए पानी लिया जा रहा है। वहां की आइसीसी बैठक के बाद इंडेंट मिलने पर निर्धारित मात्रा में पानी छोड़ा जाएगा।

 

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By Bharat Ki Awaz

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