भद्रा पहुंची, जिगलूरु की प्यास बाकीभरमसमुद्र गांव की जमीन में बिछाए गए पाइप।

शाखा नहर का काम महज 34 फीसदी

18,423 हेक्टेयर में सिंचाई और 9 तालाब भरने का इंतजार

दावणगेरे। दशकों के संघर्ष के बाद भद्रा का पानी चित्रदुर्ग के गोनूर तालाब तक पहुंच गया। वहां किसानों ने जलधारा का स्वागत करते हुए उत्सव मनाया, लेकिन पड़ोसी दावणगेरे जिले के जिगलूरु तालुक में यह खुशी अभी दूर है। भद्रा ऊपरी परियोजना की जिगलूरु शाखा नहर का निर्माण महज 34 प्रतिशत पूरा हुआ है। ऐसे में तालुक के लोगों को भद्रा के पानी के लिए अभी एक साल से अधिक इंतजार करना पड़ सकता है।

गोनूर से कुछ दूरी पर स्थित बेलगट्ट गांव के पास जिगलूरु शाखा नहर अलग होती है। यहां से पानी खुले नहर मार्ग से आगे पाइपलाइन के जरिए जिगलूरु तालुक की ओर जाएगा। तालुक के हिस्से में 2.4 टीएमसी पानी निर्धारित है। यह पानी चित्रदुर्ग जिले के कूनबेवु, तुरुवनूर और चिक्कगोंडनहल्ली होते हुए जिगलूरु के सांगेनहल्ली तालाब तक पहुंचेगा। इसके बाद उपनहरों की पाइपलाइन से विभिन्न क्षेत्रों तक पानी पहुंचाया जाएगा।

18,423 हेक्टेयर को मिलेगा पानी

राज्य के कम वर्षा वाले क्षेत्रों में शामिल जिगलूरु में करीब 75 प्रतिशत कृषि भूमि वर्षा आधारित है। भूजल स्तर लगातार गिरने और फ्लोराइडयुक्त पानी की समस्या से ग्रामीण परेशान हैं। भद्रा परियोजना से तालुक के 9 तालाब भरने और 18,423 हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

इसके लिए कुल 38 पंप हाउस बनाए जाने हैं, जिनमें 26 का काम चल रहा है। प्रत्येक 500 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए एक पंप हाउस बनाया जा रहा है। करीब 100 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने का काम भी जारी है।

‘सरकार अनुदान दे, काम तेज करे’

परियोजना के लिए वर्षों से आंदोलन कर रहे जे. यादवरेड्डी ने कहा कि दशकों के संघर्ष के बाद जिगलूरु को भद्रा ऊपरी परियोजना में शामिल किया गया, लेकिन काम की गति निराशाजनक है। शाखा नहर और सूक्ष्म सिंचाई के लिए आवश्यक अनुदान उपलब्ध कराकर काम में तेजी लानी चाहिए।

किसान संगठनों का आरोप है कि दावणगेरे जिले के साथ परियोजना में दोहरा अन्याय हुआ है। एक ओर भद्रा के मूल सिंचाई क्षेत्र के किसानों में पानी को लेकर असंतोष है, वहीं परियोजना में शामिल जिगलूरु तक अभी पानी नहीं पहुंचा है।

जिला किसान महासंघ के कोळेनहल्ली बी.एम. सतीश ने कहा कि जिगलूरु भी चित्रदुर्ग की तरह सूखा प्रभावित क्षेत्र है। सरकार को यहां भी पानी पहुंचाने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

अक्वाडक्ट पूरा होना जरूरी

गोनूर के पास अक्वाडक्ट का काम पूरा होने के बाद जिगलूरु शाखा नहर में पानी छोड़ा जा सकेगा। अक्वाडक्ट निर्माण में तेजी लाई जा रही है।
एच. रविशंकर, मुख्य अभियंता, विश्वेश्वरय्या जल निगम

आंकड़ों में योजना

18,423 हेक्टेयर – सूक्ष्म सिंचाई का लक्ष्य
62 गांव – पानी की सुविधा
38 – प्रस्तावित पंप हाउस
26 – निर्माणाधीन पंप हाउस
34 प्रतिशत – जिगलूरु शाखा नहर का काम
2.4 टीएमसी – जिगलूरु के लिए निर्धारित पानी
9 – भरने प्रस्तावित तालाब

जगलूरु तालुक के प्रमुख तालाब

संगेनहल्ली तालाब, जम्मापुर तालाब, निब्गूरु तालाब, बिदरकेरे, रस्ते माकुंटे तालाब, कोरटिकेरे, मेदगिनकेरे, जगलूरु तालाब और भरमसमुद्र तालाब।

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By Bharat Ki Awaz

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