बल्लारी में बेलगाम दौड़ रहे भारी वाहनबल्लारी में बेलगाम दौड़ रहे भारी वाहन।

तीन महीने में 35 हादसे, चार की मौत

तीन दिन के भीतर लारी की चपेट में आने से दो युवकों की मौत

शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग

जिलाधिकारी के पुराने आदेश की अनदेखी का आरोप

सुबह 6 से रात 11 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक दोहराई

बल्लारी। खनन नगरी बल्लारी में भारी वाहनों की बेलगाम आवाजाही सडक़ हादसों का बड़ा कारण बनती जा रही है। शहर के भीतर खनन से जुड़े ट्रकों और भारी वाहनों की बढ़ती आवाजाही से आम नागरिकों, खासकर दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पिछले तीन महीनों में शहर में 35 सडक़ हादसे हुए हैं, जिनमें चार लोगों की जान चली गई।

चिंता की बात यह है कि महज तीन दिन के भीतर लारी की चपेट में आने से दो युवकों की मौत हो गई। तीन दिन पहले रेडियो पार्क के पास 23 वर्षीय अबू की लारी के नीचे कुचलने से मौत हो गई थी। अब ईदगाह के पास 28 वर्षीय इमरान भी लारी की चपेट में आकर जान गंवा बैठा। लगातार हो रहे हादसों से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उन्होंने शहर की सीमा में भारी वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

तीन महीने में 35 हादसे, चार की मौत

स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के अंदर भारी वाहनों की बढ़ती आवाजाही से दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा खतरा है। तीन दिन में दो युवकों की मौत के बाद जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की यातायात व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों की मांग है कि शहर के भीतर लारियों की अनियंत्रित आवाजाही पर तत्काल रोक लगाई जाए।

जिलाधिकारी के आदेश की अनदेखी का आरोप

स्थानीय लोगों के मुताबिक, पहले जिलाधिकारी ने सुबह 6 से रात 11 बजे तक लारियों सहित भारी वाहनों के शहर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया था। इसके बावजूद हाल के दिनों में खनन से जुड़े भारी वाहन शहर के भीतर दौड़ते नजर आ रहे हैं। नागरिकों का आरोप है कि आदेश का प्रभावी पालन नहीं होने से हादसों का खतरा बढ़ रहा है।

प्रशासन ने फिर दोहराया प्रतिबंध

लगातार हो रहे हादसों और नागरिकों के विरोध के बीच जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने फिर स्पष्ट किया है कि सुबह 6 से रात 11 बजे तक शहर की सीमा में भारी वाहनों की आवाजाही की अनुमति नहीं होगी।

अब सवाल यह है कि आदेश दोहराने के बाद पुलिस और जिला प्रशासन इसे जमीन पर कितनी सख्ती से लागू कर पाएंगे। नागरिकों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

 

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By Bharat Ki Awaz

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