सिद्धारूढ़ स्वामी के एआई वीडियो पर भड़का भक्तों का आक्रोश

मठ ट्रस्ट ने दी कार्रवाई की चेतावनी

मूल तस्वीर और प्रतिमा से छेड़छाड़ कर बनाए जा रहे वीडियो से धार्मिक भावनाएं आहत

सोशल मीडिया से ऐसे वीडियो हटाने का निर्देश

हुब्बल्ली। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जहां मानव जीवन को आसान बनाने में अहम भूमिका निभा रही है, वहीं इसका दुरुपयोग ऐतिहासिक विरासत और महापुरुषों की गरिमा के लिए चुनौती बनता जा रहा है। इसका ताजा उदाहरण हुब्बल्ली के प्रसिद्ध सिद्धारूढ़ मठ में देखने को मिला है। सोशल मीडिया पर सद्गुरु सिद्धारूढ़ स्वामी की मूल तस्वीरों और प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ कर एआई से तैयार किए जा रहे वीडियो को लेकर मठ ट्रस्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। ट्रस्ट ने ऐसे वीडियो बनाने और प्रसारित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है।

महापुरुष की छवि से खिलवाड़ पर नाराजगी

उत्तर कर्नाटक ही नहीं, बल्कि देशभर में सिद्धारूढ़ स्वामी के लाखों श्रद्धालु हैं। भक्त उन्हें आराध्य संत के रूप में पूजते हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर एआई की मदद से उनके चेहरे पर अलग-अलग भाव दिखाने, त्योहारों की शुभकामनाएं और विभिन्न संदेश दिलवाने वाले वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं। इन वीडियो से स्वामी की वास्तविक छवि और ऐतिहासिक परंपरा प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

14 भाषाओं के जानकार संत को तुतलाते दिखाया

मठ से जुड़े लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि सिद्धारूढ़ स्वामी अपने जीवनकाल में 14 भाषाओं में संवाद करने में सक्षम थे। इसके बावजूद एआई से तैयार कुछ वीडियो में उन्हें तुतलाते हुए दिखाया गया है। कहीं उनके चेहरे पर अलग-अलग भाव प्रदर्शित किए जा रहे हैं तो कहीं ऐसे संदेश बुलवाए जा रहे हैं, जिनका उनके वास्तविक जीवन और चरित्र से कोई संबंध नहीं है। इससे स्वामी के जीवन और व्यक्तित्व से परिचित श्रद्धालुओं में नाराजगी है।

मूल तस्वीरों से एआई वीडियो बनाने पर रोक

मठ ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि कोई भी व्यक्ति सिद्धारूढ़ स्वामी की मूल तस्वीरों का इस्तेमाल कर एआई वीडियो तैयार न करे। ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि यदि सोशल मीडिया पर इस तरह के वीडियो या तस्वीरें दिखाई दें तो संबंधित पेज के एडमिन से उन्हें हटाने को कहें।

ट्रस्ट कमेटी ने श्रद्धालुओं और अन्य मठों के संतों से भी अपने साथ जुड़े सोशल मीडिया संचालकों को समझाने तथा ऐसे एआई वीडियो और तस्वीरें हटवाने का आग्रह किया है। अब मठ की इस चेतावनी के बाद सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे ऐसे कंटेंट को लेकर निगरानी और कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी।

 

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By Bharat Ki Awaz

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