विजयेंद्र से कोई राजनीतिक समझौता नहीं : यत्नालविधायक बसनगौड़ा पाटील यत्नाल।

नेतृत्व बदलने के बाद ही आगे की बात

व्यक्तिगत नाराजगी कायम, मुलाकात को बताया महज संयोग

विजयपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र के साथ किसी भी तरह का राजनीतिक समझौता होने से विधायक बसनगौड़ा पाटील यत्नाल ने साफ इनकार किया है। उन्होंने कहा कि विजयेंद्र से उनकी मुलाकात महज संयोग थी और इसमें कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई। राज्य भाजपा नेतृत्व में बदलाव के बाद ही आगे की बातचीत का सवाल आएगा।

विजयपुर में पत्रकारों से बातचीत में यत्नाल ने कहा कि निजी कार्यक्रम में विजयेंद्र से हुई मुलाकात को राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके रुख में कोई बदलाव नहीं आया है।

विजयेंद्र ने मुझे व्यक्तिगत नुकसान पहुंचाया

यत्नाल ने विजयेंद्र के खिलाफ अपनी व्यक्तिगत नाराजगी भी खुलकर जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया कि विजयेंद्र ने उन्हें काफी नुकसान पहुंचाया है। यत्नाल के अनुसार, बी.एस. येडियूरप्पा के मुख्यमंत्री रहते उनके द्वारा लिखे गए पत्र तक फाड़ दिए गए थे। उन्होंने कहा कि विजयेंद्र चाहे उनके बीच मतभेद न होने की बात कितनी भी बार कहें, उनका रुख नहीं बदलेगा।

पूर्व मंत्री मुरुगेश निराणी से मुलाकात को भी उन्होंने गैर-राजनीतिक बताया। उन्होंने कहा कि दशहरा के दौरान नारायण भांडगे के घर जाने पर निराणी से मुलाकात हुई थी और वहां भी कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई।

दिल्ली दौरे में भाजपा नेताओं से मुलाकात नहीं

यत्नाल ने कहा कि वे कित्तूर रानी चन्नम्मा जयंती कार्यक्रम में भाग लेने के लिए गुरुवार को दिल्ली जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस दौरान भाजपा के किसी राष्ट्रीय नेता से मिलने का उनका कार्यक्रम नहीं है। गन्ना किसानों के आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर संबंधित मंत्री से चर्चा करेंगे। उन्होंने भाजपा में दोबारा शामिल होने के लिए किसी नेता से मिलने की संभावना से भी इनकार किया।

 

Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?

अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें

हर खबर सबसे पहले

Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *