नियुक्ति में लाखों रुपए के लेनदेन का आरोप
चुनाव आचार संहिता के दौरान आदेश जारी करने पर भी उठे सवाल
रायचूर। रायचूर कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय में 75 सहायक प्राध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया विवादों में घिर गई है। नियुक्तियों में उम्मीदवारों से लाखों रुपए लेकर चयन करने और करोड़ों रुपए के लेनदेन के आरोप लगे हैं। साथ ही, उत्तर-पूर्व स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव की आदर्श आचार संहिता लागू रहने के दौरान नियुक्ति आदेश जारी किए जाने पर भी सवाल उठे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी पूविता एस. ने जांच के आदेश दिए हैं।
जद (एस) के जिलाध्यक्ष विरुपाक्ष ने आरोप लगाया है कि जिन उम्मीदवारों ने पैसे देकर सौदा किया, उन्हें नियुक्तियां दी गईं। आंदोलनकारियों ने भी प्रत्येक उम्मीदवार से लाखों रुपए वसूलने और बड़े पैमाने पर अनियमितता का आरोप लगाया है।
विवाद का दूसरा पहलू 28 अक्टूबर को जारी नियुक्ति आदेश है। आरोप है कि चुनाव आचार संहिता लागू रहने के बावजूद कुलपति और विश्वविद्यालय प्रशासन ने नियुक्ति आदेश जारी किए। आदेश की प्रति ई-मेल से भेजे जाने को लेकर भी संदेह जताया गया है।
जांच समिति गठित
जिलाधिकारी ने सहायक आयुक्त नागेंद्र कुमार बाबू के नेतृत्व में जांच समिति गठित की है। समिति को भर्ती प्रक्रिया की पृष्ठभूमि, अपनाए गए नियमों और कार्यप्रणाली तथा नियुक्तियों से संबंधित अनुमोदनों की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रभारी मंत्री अजय सिंह ने कहा कि नियुक्तियों में अनियमितता की पुष्टि होने पर जिला प्रशासन जांच करेगा। आचार संहिता के दौरान आदेश जारी किए जाने के मामले में कृषि विभाग के सचिव से जानकारी ली जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियुक्तियां रद्द करने का प्रस्ताव भेजा जाएगा।
फिलहाल 75 पदों की भर्ती प्रक्रिया जांच के दायरे में है। आरोपों की पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
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