संकरी सडक़ें और हाईवोल्टेज तार बने सुरक्षा बाधा, महंगे किराये से भी नहीं जुटे पर्याप्त यात्री
गदग। जिले में पर्यटन को नई दिशा देने की उम्मीद के साथ शुरू की गई राज्य पर्यटन विकास निगम की डबल डेकर ‘अंबारी’ बस सेवा कुछ ही समय में बंद हो गई। सडक़ ढांचे की कमी, सडक़ों के ऊपर से गुजर रहे हाईवोल्टेज बिजली के तार और अपेक्षित यात्री नहीं मिलने के कारण बस को वापस मैसूर भेज दिया गया है। पर्यटन क्षेत्र में इसे जिले के लिए झटका माना जा रहा है।
ऊपरी डेक पर बैठना बना जोखिम
अंबारी बस का संचालन शहर के केंद्रीय बस अड्डे से भीष्म झील, जिला प्रशासन भवन, बिंकदकट्टी चिडिय़ाघर और सालूमरद तिम्मक्का उद्यान सहित प्रमुख स्थलों तक पर्यटकों को ले जाने के उद्देश्य से किया गया था। खुले ऊपरी डेक से यात्रियों को शहर और पर्यटन स्थलों का ऊंचाई से नजारा देखने का अवसर मिलता था।
हालांकि, शहर की कई सडक़ें डबल डेकर बस के लिए पर्याप्त चौड़ी नहीं हैं। इसके अलावा सडक़ों के ऊपर से गुजर रहे हाईवोल्टेज और अन्य बिजली के तार बस के ऊपरी हिस्से के काफी करीब होने से यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रही।
पर्यटकों का नहीं मिला अपेक्षित साथ
कम यात्री मिलना भी सेवा बंद होने की प्रमुख वजह बनी। पर्यटन स्थलों तक पहुंचने के लिए सामान्य परिवहन सुविधा उपलब्ध होने के कारण बड़ी संख्या में लोग अंबारी बस की ओर आकर्षित नहीं हुए। करीब 60 से 100 रुपए तक का किराया भी स्थानीय यात्रियों और परिवारों के लिए अपेक्षाकृत महंगा साबित हुआ। परिणामस्वरूप अपेक्षित आय नहीं हो सकी।
फिर शुरू करने की मांग
पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक कोट्रेश विभूति ने बताया कि जिले में अंबारी बस के संचालन के लिए आवश्यक चौड़ाई वाली सडक़ें नहीं हैं। सडक़ों पर हाईवोल्टेज तार होने के कारण ऊपरी डेक पर बैठे यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सेवा बंद की गई है। फिलहाल बस मैसूर में संचालित हो रही है।
स्थानीय निवासी वैभव अन्वेकर ने कहा कि अंबारी बस से जिले के पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन सेवा बंद होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आवश्यक बुनियादी ढांचा विकसित कर गदग में बस सेवा दोबारा शुरू करने की मांग की।
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