होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का कड़ा रुख
अमेरिका से तनाव के बीच अनिवार्य अनुमति नियम लागू
वैश्विक तेल बाजार पर असर की आशंका
तेहरान: तेहरान में ईरान ने एक अहम और सख्त फैसला लेते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की मुक्त आवाजाही को लेकर अपनी पूर्व घोषणा वापस ले ली है। अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अब इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर नियंत्रण और कड़ा करने का संकेत दिया है।
अनुमति के बिना प्रवेश नहीं
ईरान ने स्पष्ट किया है कि अब इस जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी जहाजों को उसकी पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। साथ ही जहाजों को निर्धारित मार्गों का पालन करना होगा।
ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने चेतावनी दी कि जलडमरूमध्य खुला रहेगा या नहीं, यह निर्णय ईरान ही करेगा।
अमेरिका पर समझौता तोडऩे का आरोप
ईरान के केंद्रीय सैन्य कमान ने आरोप लगाया कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की ओर आने-जाने वाले जहाजों पर रोक जारी रखकर शांति वार्ता के दौरान किए गए वादों का उल्लंघन किया है।
आईआरजीसी ने जारी किए सख्त दिशा-निर्देश
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्र्स (आईआरजीसी) की नौसेना ने नए दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा है कि बिना अनुमति कोई भी जहाज प्रवेश नहीं कर सकेगा।
नागरिक जहाजों को नियंत्रित परिस्थितियों में ही अनुमति दी जाएगी
सैन्य जहाजों पर कड़े प्रतिबंध लागू रहेंगे।
ट्रंप पर निशाना, ‘भ्रामक बयान’ का आरोप
ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप के बयानों को भ्रामक बताते हुए कहा कि सोशल मीडिया या बयानबाजी से नहीं, बल्कि वास्तविक परिस्थितियों के आधार पर फैसले लिए जाएंगे।
वैश्विक बाजार में बढ़ी चिंता
होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस का परिवहन होता है। ऐसे में ईरान के इस फैसले से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार और तेल कीमतों पर गंभीर असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति और बिगड़ती है या जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिल सकती है।
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