मुख्यमंत्री तक पहुंची भ्रष्टाचार व उत्पीडऩ की शिकायत
पुलिसकर्मी के 23 बिंदुओं वाले पत्र में वरिष्ठ अधिकारियों पर गंभीर आरोप
मुख्यमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप के बाद डीजीपी ने राज्यव्यापी जांच के दिए निर्देश
हुब्बल्ली। कर्नाटक पुलिस की सुधारित बीट व्यवस्था को लेकर विभाग के भीतर असंतोष अब मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच गया है। ़
एक पुलिसकर्मी द्वारा मुख्यमंत्री को भेजे गए 23 बिंदुओं वाले विस्तृत पत्र में वरिष्ठ अधिकारियों पर भ्रष्टाचार, अधिकारों के दुरुपयोग, मानसिक उत्पीडऩ, जवाबदेही से बचने और अधीनस्थ कर्मचारियों को बलि का बकरा
बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
शिकायत को गंभीर मानते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने इसे गृह विभाग को भेज दिया है। इसके बाद पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने राज्य के सभी पुलिस आयुक्तालयों, रेंज आइजीपी, जिला पुलिस अधीक्षकों, केजीएफ और रेलवे पुलिस इकाइयों को नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
बीट कर्मियों पर पूरा बोझ, अधिकारी जवाबदेही से दूर
पत्र में कहा गया है कि सुधारित बीट व्यवस्था लागू होने के बाद क्षेत्रीय पुलिसिंग की पूरी जिम्मेदारी बीट कर्मचारियों पर डाल दी गई है, जबकि पीएसआइ और उससे ऊपर के अधिकारी निगरानी और जवाबदेही से पीछे हट गए हैं। छोटी-छोटी त्रुटियों पर बीट कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन, नोटिस, वेतन रोकने और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है, जबकि वरिष्ठ अधिकारी जिम्मेदारी से बच निकलते हैं।
तबादलों में पैसों के लेन-देन का आरोप
पत्र का सबसे गंभीर आरोप यह है कि पसंदीदा थानों में नियुक्ति के लिए कथित तौर पर लाखों रुपए का लेन-देन होता है। शिकायत में दावा किया गया है कि कुछ अधिकारी स्वयं कर्मचारियों के सामने यह कहते हैं कि उन्होंने जनप्रतिनिधियों को पैसा देकर मनचाही पोस्टिंग हासिल की है। साथ ही, अवैध गतिविधियों की सूचना देने पर यह कहकर मामला दबा दिया जाता है कि “ऊपरी स्तर पर सब तय है।”
रात्रि गश्त और कार्रवाई पर सवाल
पुलिसकर्मी ने आरोप लगाया है कि कई अधिकारी आधी रात के बाद सरकारी वाहन से घर चले जाते हैं, जबकि सुबह तक गश्त की पूरी जिम्मेदारी बीट कर्मचारियों पर रहती है। चोरी, अपराध या अवैध गतिविधियों की खबर सामने आने पर सबसे पहले निचले स्तर के कर्मचारियों को निलंबित किया जाता है, जबकि वरिष्ठ अधिकारी कार्रवाई से बच जाते हैं।
हुब्बल्ली-धारवाड़ की पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) श्रुति एन.एस. ने कहा कि इस पत्र के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से जांच के निर्देश प्राप्त हुए हैं और मामले की नियमानुसार जांच की जाएगी।
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