अवैध घुसपैठ पर राज्य सरकार नरम: बृजेश चौटासांसद कैप्टन बृजेश चौटा।

सांसद ने ‘डिटेक्ट, डिटेन और डिपोर्ट’ नीति की मांग उठाई

रेलवे परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा

मेंगलूरु. दक्षिण कन्नड़ के सांसद कैप्टन बृजेश चौटा ने राज्य सरकार पर अवैध विदेशी नागरिकों के मामलों में नरम रुख अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि विदेशों से होने वाली अवैध घुसपैठ के मामलों से निपटने के लिए गृह विभाग को स्पष्ट नीति बनानी चाहिए, जिसके तहत संदिग्धों की पहचान, हिरासत और निर्वासन (डिटेक्ट, डिटेन एंड डिपोर्ट) की प्रभावी व्यवस्था हो।

पत्रकारों से बातचीत में सांसद ने कहा कि एक ओर राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) की प्रक्रिया चल रही है, वहीं दूसरी ओर सरकार पीआरसी जारी करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों का मुद्दा गंभीर है, लेकिन उन्हें चिन्हित करने के लिए सरकारी एजेंसियों की ओर से पर्याप्त प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। राज्य सरकार मादक पदार्थों की तस्करी और साइबर अपराध जैसे मामलों पर भी अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रही है।

रेलवे परियोजनाओं की समीक्षा

इससे पहले सांसद ने दक्षिण पश्चिम रेलवे (दपरे) मैसूरु मंडल के अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले की विभिन्न रेलवे परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में एडमंगल, बेल्लंदूर और सवणूर रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज अथवा अंडरपास निर्माण, फरंगीपेट में नया रेलवे क्रॉसिंग स्टेशन, मेंगलूरु-सुब्रह्मण्य पैसेंजर (मेमू) ट्रेन शुरू करने तथा पुत्तूर रेलवे स्टेशन के विकास जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

सांसद ने कहा कि एडमंगल और सवणूर में ओवरब्रिज अथवा अंडरपास परियोजनाओं के लिए आवश्यक सर्वेक्षण अंतिम चरण में है। इसके बाद निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पुत्तूर क्षेत्र की तीन अन्य रेलवे क्रॉसिंग पर भी ओवरब्रिज अथवा अंडरपास निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है, जिससे भविष्य में इन फाटकों पर यातायात बाधित नहीं होगा।

 

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By Bharat Ki Awaz

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