डाक विभाग की अनूठी पहल को शानदार प्रतिक्रिया
ऐतिहासिक स्थलों और डाक टिकट संग्रह के प्रति बढ़ा आकर्षण
मेंगलूरु. डाक टिकट संग्रह (फिलाटेली) को बढ़ावा देने और कर्नाटक के ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों के प्रति लोगों में रुचि जगाने के उद्देश्य से भारतीय डाक विभाग द्वारा शुरू की गई ‘फिलाटेली पासपोर्ट’ योजना को मेंगलूरु में उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। पांडेश्वर स्थित फिलाटेली ब्यूरो में उपलब्ध कराए गए 300 फिलाटेली पासपोर्ट मात्र आधे घंटे में बिक गए।
डाक विभाग के अनुसार, फिलहाल स्टॉक समाप्त हो चुका है और इस माह के अंत तक मेंगलूरु के लिए 500 और फिलाटेली पासपोर्ट उपलब्ध कराए जाने की संभावना है।
दक्षिण कन्नड़ के चार प्रमुख स्थल शामिल
फिलाटेली पासपोर्ट में दक्षिण कन्नड़ जिले के चार प्रमुख ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को शामिल किया गया है। इनमें मेंगलूरु लाइटहाउस, रानी अब्बक्का (उल्लाल), कटील दुर्गापरमेश्वरी मंदिर तथा नंदलिके मुद्दण्णा से जुड़े विशेष डाक चिह्न शामिल हैं। पर्यटक इन स्थलों का भ्रमण करने के बाद संबंधित डाकघर जाकर विशेष स्मारक मुहर प्राप्त कर सकते हैं।
क्या है फिलाटेली पासपोर्ट?
कर्नाटक डाक परिमंडल ने नवंबर 2024 में इस पॉकेट आकार की पुस्तिका की शुरुआत की थी। इसमें राज्य के 100 ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों का संक्षिप्त परिचय दिया गया है। यह पुस्तिका कन्नड़, हिंदी और अंग्रेजी तीन भाषाओं में उपलब्ध है।
प्रत्येक स्थल के लिए निर्धारित पृष्ठ पर संबंधित डाक टिकट चिपकाने और वहां के डाकघर से विशेष स्मारक मुहर लगवाने की सुविधा दी गई है। डाक विभाग का मानना है कि यह पहल पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ नई पीढ़ी में फिलाटेली के प्रति रुचि विकसित करने में भी सहायक सिद्ध होगी।
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