अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कोप्पल, बादामी, अलनावर और बंटवाल को मिला आधुनिक स्वरूप
हुब्बल्ली. कर्नाटक के चार रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प पूरा हो गया है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किए गए कोप्पल, बादामी, अलनावर और बंटवाल रेलवे स्टेशनों का 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण करेंगे। इसी दिन देशभर के लगभग 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का भी उद्घाटन किया जाएगा।
सदी पुराने स्टेशनों का बदला स्वरूप
ब्रिटिश काल में निर्मित कोप्पल, बादामी और अलनावर रेलवे स्टेशन करीब 139 वर्ष बाद आधुनिक सुविधाओं के साथ नए रूप में तैयार हुए हैं, जबकि दक्षिण कन्नड़ जिले का बंटवाल स्टेशन लगभग 47 वर्ष बाद व्यापक रूप से पुनर्विकसित किया गया है। इन स्टेशनों में यात्रियों की सुविधा के अनुरूप आधुनिक भवन, विस्तारित प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय, पार्किंग और अन्य सुविधाएं विकसित की गई हैं।
विरासत और आधुनिकता का संगम
कोप्पल रेलवे स्टेशन का नया भवन लगभग 21.14 करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया है, जबकि 5.70 करोड़ रुपए की लागत से पैदल ऊपरी पुल का निर्माण किया गया है। स्टेशन परिसर में ऐतिहासिक हम्पी की झलक दर्शाने वाली कलाकृतियां भी स्थापित की गई हैं।
बादामी स्टेशन का पुनर्निर्माण लगभग 15.10 करोड़ रुपए की लागत से पारंपरिक चालुक्य स्थापत्य शैली को ध्यान में रखकर किया गया है। वहीं अलनावर स्टेशन पर करीब 17.20 करोड़ रुपए खर्च कर नया भवन, विस्तृत पार्किंग और आधुनिक प्लेटफॉर्म विकसित किए गए हैं।
बंटवाल स्टेशन को भी मिली नई पहचान
दक्षिण कन्नड़ जिले के बंटवाल रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास लगभग 26.18 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। यहां प्लेटफॉर्म का विस्तार, नए शेड, यात्री विश्राम कक्ष और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत इससे पहले भी कर्नाटक के पांच रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास कर उन्हें यात्रियों के लिए समर्पित किया जा चुका है। अब इन चार स्टेशनों के जुडऩे से राज्य में आधुनिक रेलवे अवसंरचना को और मजबूती मिलेगी।
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